
धरमजयगढ़ वनमंडल में पौधरोपण से जुड़ी फाइलों में गंभीर अनियमितता सामने आई है। आरोप है कि विभाग के कर्मचारियों ने मनरेगा के तहत किए गए कार्य में ऐसे व्यक्ति के नाम पर मजदूरी दिखा दी जिसकी मृत्यु कई साल पहले हो चुकी थी। दस्तावेजों की पड़ताल में यह गड़बड़ी स्पष्ट होती है और विभागीय कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है।
मौत के पांच साल बाद भी दर्ज की गई मजदूरी
भंडारीमुड़ा नर्सरी में वर्ष 2021 के पौधरोपण कार्य के दौरान तैयार किए गए मस्टररोल में एक मजदूर का नाम शामिल है जिसकी मृत्यु 22 दिसंबर 2017 को हुई थी। शिकायत में बताया गया कि मस्टररोल क्रमांक 750 में उसकी उपस्थिति 3 मई 2022 से 8 मई 2022 तक दर्ज की गई है। यहां तक कि उसका नरेगा कार्ड नंबर भी लिखा गया है, मानो वह व्यक्ति मौत के बाद भी काम करता रहा हो।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
पूरा मामला मनरेगा योजना की निगरानी और वन विभाग की जवाबदेही पर गंभीर सवाल छोड़ गया है। मृत व्यक्ति के नाम पर भुगतान दर्ज होने से यह आशंका बलवती हुई है कि राशि किसी और ने निकाली होगी। शिकायतकर्ता ने वनमंडलाधिकारी से निष्पक्ष जांच कर दोषियों तक पहुंचने और कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोग और शिकायतकर्ता दोनों ही चाहते हैं कि इस मामले को दबाया न जाए और पूरी जांच खुले तौर पर की जाए। अब निगाहें इस बात पर हैं कि क्या विभाग मामले की तह तक जाएगा या कागजों के बीच यह प्रकरण फिर से दब जाएगा।
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