छत्तीसगढ़ में जनगणना का शुरू: घरों के बाहर लिखे जा रहे नंबर, डिजिटल डेटा के लिए आपसे पूछे जाएंगे ये 33 सवाल

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में जनगणना का महाभियान आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है। शहर के अलग-अलग वार्डों में कर्मचारियों ने मकानों के बाहर नंबर दर्ज करने का काम युद्धस्तर पर छेड़ दिया है। अगर आपके घर की दीवार पर भी लाल या काले रंग से नंबर लिखे जा रहे हैं, तो चौंकिए मत। यह जनगणना की पहली और सबसे महत्वपूर्ण सीढ़ी है। प्रशासन ने इस बार की जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए कमर कस ली है, जिससे भविष्य की सरकारी योजनाओं का सटीक खाका तैयार किया जा सके।

घर-घर दस्तक देंगे प्रगणक: मोबाइल ऐप पर रियल-टाइम दर्ज होगा आपका डेटा

जनगणना के इस चरण में सरकारी कर्मचारी आपके घर पहुंचकर विस्तृत जानकारी जुटाएंगे। इस बार कागज-कलम के बजाय मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे डेटा तुरंत सर्वर पर अपलोड हो जाएगा। रायपुर जिले में इस काम को सुचारू रूप से चलाने के लिए नवा रायपुर, नगर निगम और तहसील क्षेत्रों में अलग-अलग चार्ज ऑफिसर तैनात किए गए हैं। जनता से अपील की गई है कि वे प्रगणकों को सही जानकारी दें, क्योंकि इसी आधार पर आपके क्षेत्र में विकास कार्यों और सरकारी सुविधाओं का निर्धारण होगा।

33 सवालों की तैयार है लिस्ट: आपसे पूछी जाएंगी ये व्यक्तिगत और घरेलू जानकारियां

प्रगणक जब आपके घर पहुंचेंगे, तो उनके पास कुल 33 सवालों की एक विस्तृत सूची होगी। इसमें आपके रहन-सहन से लेकर सुख-सुविधाओं तक की जानकारी मांगी जाएगी। प्रमुख सवाल कुछ इस प्रकार होंगे:

जनगणना में पूछे जाएंगे ये 33 सवाल: Census 33 Questions List
मकान से जुड़े सवाल

  1. भवन नंबर
  2. जनगणना मकान नंबर
  3. फर्श किस चीज का बना है
  4. दीवार किस चीज की बनी है
  5. छत किस चीज की बनी है
  6. मकान का उपयोग (रहने, दुकान आदि)
  7. मकान की हालत कैसी है

परिवार से जुड़े सवाल

  1. घर का नंबर (परिवार के लिए)
  2. कुल कितने लोग रहते हैं
  3. परिवार के मुखिया का नाम
  4. मुखिया का लिंग (पुरुष / महिला / थर्ड जेंडर)
  5. मुखिया किस वर्ग से है (SC/ST/अन्य)
  6. मकान अपना है या किराए का
  7. परिवार के पास रहने के लिए कमरों की संख्या
  8. कितने शादीशुदा जोड़े हैं

सुविधा से जुड़े सवाल

  1. पीने का पानी कहां से आता है
  2. पानी की सुविधा घर में है या बाहर
  3. बिजली/रोशनी का मुख्य साधन
  4. शौचालय है या नहीं
  5. शौचालय का प्रकार
  6. गंदे पानी की निकासी कैसे होती है
  7. नहाने की जगह है या नहीं
  8. रसोई है या नहीं, LPG/PNG है या नहीं
  9. खाना पकाने का मुख्य ईंधन

डिजिटल और सामान से जुड़े सवाल

  1. रेडियो/ट्रांजिस्टर है या नहीं
  2. टीवी है या नहीं
  3. इंटरनेट सुविधा है या नहीं
  4. लैपटॉप/कंप्यूटर है या नहीं
  5. मोबाइल/फोन है या नहीं

वाहन और अन्य जानकारी

  1. साइकिल/स्कूटर/बाइक है या नहीं
  2. कार/जीप/वैन है या नहीं
  3. परिवार कौन सा अनाज ज्यादा खाता है
  4. मोबाइल नंबर (सिर्फ जनगणना के लिए)

रायपुर में 5700 कर्मियों की फौज: 65 हजार प्रगणक पूरे प्रदेश में तैनात

सिर्फ रायपुर जिले में ही जनगणना के काम को समय पर पूरा करने के लिए 5700 कर्मचारियों की बड़ी टीम मैदान में उतारी गई है। इसमें मुख्य रूप से सरकारी स्कूलों के शिक्षक और राजस्व विभाग का स्टाफ शामिल है। अगर पूरे छत्तीसगढ़ की बात करें, तो लगभग 65 हजार प्रगणक इस महापर्व में अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। एक कर्मचारी को औसतन 150 से 200 घरों का डेटा डिजिटल मोड में कलेक्ट करने का जिम्मा सौंपा गया है, ताकि कोई भी परिवार छूट न जाए।

ड्यूटी से बचने की जुगत: प्रशासन ने बीमारी के बहाने बनाने वालों पर कसा शिकंजा

एक तरफ जहां जनगणना का काम जोरों पर है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड ड्यूटी से बचने के लिए नगर निगम दफ्तरों में आवेदनों का ढेर लग गया है। कई कर्मचारी बीमारी, छोटे बच्चों की देखरेख या पारिवारिक समस्याओं का हवाला देकर नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपना लिया है। आदेश जारी किए गए हैं कि बिना किसी ठोस मेडिकल प्रमाण या भौतिक सत्यापन के किसी की भी ड्यूटी नहीं हटाई जाएगी। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

भविष्य की योजनाओं का आधार: सही जानकारी देना नागरिकों की जिम्मेदारी

पहली बार देश की जनगणना पूरी तरह हाईटेक और डिजिटल मोड में हो रही है। इस डेटा का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि आने वाले वर्षों में राशन कार्ड, स्वास्थ्य सुविधाएं और शिक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का बजट इसी जनसंख्या और संसाधनों के आधार पर तय होगा। रायपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे प्रगणकों का सहयोग करें। पारदर्शिता बनी रहे, इसके लिए उच्च अधिकारी समय-समय पर फील्ड में जाकर नंबरिंग और डेटा एंट्री की क्रॉस-चेकिंग भी कर रहे हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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