
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के संविदा कर्मचारियों के हित में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब किसी भी संविदाकर्मी को केवल एक महीने का वेतन देकर अचानक नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सेवा से पृथक करने से पहले संबंधित कर्मचारी को अपील करने और अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की नियम शाखा ने सभी विभागों और प्रमुख कार्यालयों को नए निर्देश जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि किसी भी संविदाकर्मी को हटाने से पहले निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा।
हाईकोर्ट के निर्देश पर मिला अपील का अधिकार
सरकार का यह महत्वपूर्ण निर्णय बिलासपुर हाईकोर्ट के हालिया आदेश के अनुपालन में लिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा था कि संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने से पहले अपील और सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। नए निर्देशों के अनुसार, अब किसी भी सेवामुक्त संविदाकर्मी को 60 दिनों के भीतर विभागाध्यक्ष के समक्ष अपील करने का अधिकार होगा। विभागीय सुनवाई पूरी होने के बाद ही संविदाकर्मी की सेवा समाप्ति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।



