2026 Me Nautapa Kab Hai: इस दिन से शुरू होगा नौतपा, ऐसा रहेगा छत्तीसगढ़ का मौसम

Nautapa 2026 Date: छत्तीसगढ़ में गर्मी अब अपने चरम पर पहुंचने वाली है। ज्योतिषीय गणना और मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, इस साल ‘नौतपा’ की शुरुआत 25 मई से हो रही है। नौतपा का सीधा अर्थ है साल के वे 9 दिन जब सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होता है और तापमान रिकॉर्ड स्तर को छूने लगता है। 25 मई से शुरू होकर यह सिलसिला 2 जून तक जारी रहेगा। छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों, विशेषकर रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में इस दौरान लू (Heatwave) का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों को सतर्क रहने और चिलचिलाती धूप से बचने की सलाह दी है।

25 मई से 2 जून तक आग उगलेंगे सूरज देवता

CG Weather Update: नौतपा तब शुरू होता है जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे तौर पर धरती पर पड़ती हैं, जिससे वातावरण में नमी कम हो जाती है और शुष्क गर्मी बढ़ जाती है। 2026 में 25 मई से लेकर 2 जून की अवधि सबसे ज्यादा कष्टदायक हो सकती है। जानकारों का मानना है कि यदि इन नौ दिनों में खूब गर्मी पड़ती है, तो आने वाले मानसून में अच्छी बारिश की संभावना रहती है। हालांकि, आम जनजीवन के लिए यह समय स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां लेकर आता है।

दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें बुजुर्ग और बच्चे

Nautapa 2026: हीटवेव या लू के दौरान सबसे ज्यादा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को होता है। डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सूरज की किरणें सबसे ज्यादा हानिकारक होती हैं। इस समय बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना बहुत आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े से ढककर रखें या छाते का उपयोग करें। ज्यादा तापमान की वजह से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो हीट स्ट्रोक का कारण बन सकती है।

हाइड्रेशन का रखें ध्यान: प्यास लगने का इंतजार न करें

नौतपा की भीषण गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा रखना सबसे बड़ी चुनौती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, प्यास लगने का इंतजार किए बिना थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना चाहिए। सादे पानी के अलावा आप नींबू पानी, आम पन्ना, छाछ और नारियल पानी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं। ये प्राकृतिक पेय न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं, बल्कि जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को भी पूरा करते हैं। हर आधे घंटे में तरल पदार्थ लेने की आदत डालें।

हल्के सूती और ढीले कपड़े पहनना होगा फायदेमंद

Nautapa Se Khud Ko Kaise Bachaye: गर्मी के मौसम में पहनावा बहुत मायने रखता है। नौतपा के दौरान डार्क या गहरे रंग के कपड़े पहनने से बचें क्योंकि वे गर्मी को ज्यादा सोखते हैं। इसकी जगह हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े चुनें। सूती कपड़ा पसीने को सोखने में मदद करता है और शरीर को हवा लगने देता है, जिससे घमौरियों और त्वचा के चकत्तों की समस्या कम हो जाती है। बाहर निकलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए सनग्लासेस का प्रयोग भी एक बेहतर विकल्प है।

घर के तापमान को नियंत्रित रखने के घरेलू उपाय

तेज धूप को घर के भीतर आने से रोकने के लिए खिड़कियों पर मोटे पर्दे या ब्लाइंड्स का उपयोग करें। दिन के समय खिड़कियां बंद रखने से बाहर की गर्म हवा अंदर नहीं आ पाती। शाम होने पर या रात के समय खिड़कियां खोल दें ताकि ठंडी हवा का संचार हो सके। कूलर में खस की घास का उपयोग करें और पानी के टैंक को नियमित रूप से भरें। घर के फर्श पर गीले कपड़े से पोंछा लगाने से भी कमरे के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की गिरावट लाई जा सकती है।

छत्तीसगढ़ में मानसून की उम्मीद और नौतपा का संकेत

लोक मान्यताओं के अनुसार, नौतपा के दौरान जितनी अधिक तपन होती है, उतना ही बेहतर मानसून आने की संभावना रहती है। छत्तीसगढ़ के किसान भी नौतपा की गर्मी पर नजर रखते हैं क्योंकि यह खरीफ फसलों के लिए आने वाली बारिश का एक पारंपरिक संकेत माना जाता है। मौसम विभाग ने फिलहाल उत्तर छत्तीसगढ़ और बस्तर के इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई है, लेकिन मध्य छत्तीसगढ़ में नौतपा का असर पूरी तरह दिखने की उम्मीद है। प्रशासन ने सभी जिलों में ‘हीट एक्शन प्लान’ सक्रिय कर दिया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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