
रायपुर, 6 नवंबर 2025: छत्तीसगढ़ की महिलाओं के लिए 5 नवंबर का दिन ऐतिहासिक रहा। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना‘ की 21वीं किश्त राजनांदगांव से जारी कर दी गई है। भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने लखपति दीदी सम्मेलन के मंच से एक क्लिक में 69 लाख 15 हजार से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में ₹647 करोड़ 28 लाख की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी। जैसे ही मंच से बटन दबाया गया, प्रदेशभर की लाखों बहनों के खातों में राशि ट्रांसफर होने लगी और उनके चेहरों पर मुस्कान बिखर गई।
राजनांदगांव में दिग्गजों का जमावड़ा: उत्साह से गूंजा मैदान
राजनांदगांव के स्टेट हाई स्कूल मैदान में आयोजित इस भव्य लखपति दीदी सम्मेलन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के साथ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, राज्यपाल रमेन डेका, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री गजेन्द्र यादव और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े समेत कई दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का माहौल उत्साह और गर्व से भरा हुआ था। हजारों की संख्या में महिलाएं और स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं वहां मौजूद थीं, जिन्होंने “जय महतारी” के नारों से पूरे मैदान को गूंजा दिया। मंच पर एक क्लिक में करोड़ों रुपये की राशि ट्रांसफर होना महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रेरणादायक दृश्य था।

आर्थिक सशक्तिकरण की मिसाल: ₹13,671 करोड़ का आंकड़ा पार
महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को प्रति माह ₹1000 की सहायता राशि दी जाती है।
आज 21वीं किश्त जारी होने के साथ ही, इस योजना के तहत अब तक प्रदेश की बहनों को वितरित की गई कुल राशि ₹13,671 करोड़ 68 लाख तक पहुँच गई है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं के छोटे-छोटे खर्चों को पूरा करने में कितना बड़ा योगदान दे रही है।
माओवाद मुक्त गाँवों में उम्मीद की नई रोशनी: पहली बार मिला लाभ
इस 21वीं किश्त का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि इसमें पहली बार माओवाद के प्रभाव से मुक्त हुए गाँवों की महिलाओं को भी शामिल किया गया।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर बस्तर में “नियद नेल्ला नार योजना” (जिसका अर्थ है- ‘हमारा अच्छा गांव’) शुरू की गई है।
- इस अभियान के तहत, माओवाद से मुक्त हुए 327 गाँवों में तेजी से विकास कार्य शुरू किए गए हैं।
- इन गाँवों की 7,658 महिलाओं को पहली बार महतारी वंदन योजना का लाभ मिला है। इनके खातों में कुल ₹76 लाख 26 हजार की राशि ट्रांसफर की गई है।

बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जैसे जिलों की हजारों महिलाएं अब शासन की मुख्यधारा का हिस्सा बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना न सिर्फ आर्थिक सहायता है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मसम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुकी है।



