
Employee Corner App: छत्तीसगढ़ सरकार ने अब सरकारी कामकाज को और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा डिजिटल कदम उठाया है। प्रदेश के 5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स का डेटा अब ऑनलाइन किया जा चुका है। इसके साथ ही एक नया मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिसका नाम है – ‘एम्प्लाई कॉर्नर’।
अब सेवा संबंधी हर जानकारी मोबाइल पर
CG Government Employees Data update: डिजिटल इंडिया मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में ‘डिजिटल प्रशासन – पारदर्शी समाधान’ की नीति पर काम किया जा रहा है। अब सरकारी कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, पदोन्नति, वेतन संबंधी जानकारी, रिटायरमेंट दस्तावेज वगैरह सब कुछ मोबाइल ऐप से ही अपडेट किया जाएगा। इसके लिए ‘एम्प्लाई कॉर्नर’ नाम का ऐप और वेब पोर्टल तैयार किया गया है।
सभी कर्मचारियों की प्रोफाइल को ‘कार्मिक संपदा पोर्टल’ पर अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नई व्यवस्था कोष और लेखा संचालनालय द्वारा लागू की गई है और यह तुरंत प्रभाव से लागू हो चुकी है।
पेपरलेस और झंझटमुक्त सिस्टम की ओर बड़ा कदम
CG Pensioners Data Update: नई व्यवस्था से कर्मचारियों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सीआर अपडेट, प्रमोशन, सैलरी विवाद जैसी चीज़ों के लिए अब सिर्फ एक क्लिक काफी होगा। रिटायरमेंट के समय होने वाले दस्तावेज़ी झंझटों से भी राहत मिलेगी। सरकार की ओर से बताया गया है कि यह कदम छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सुधारों और डिजिटलीकरण की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
डिजीलॉकर से जरूरी दस्तावेज अब हर वक्त, हर जगह उपलब्ध
Employee Corner App: अब राज्य के करीब 3.61 लाख कर्मचारी और 1.50 लाख पेंशनभोगी अपने जरूरी दस्तावेज जैसे – जीपीएफ स्टेटमेंट, पेंशन भुगतान आदेश, पेंशन प्रमाण पत्र आदि डिजीलॉकर के जरिए कहीं से भी देख और डाउनलोड कर सकेंगे।
इससे फिजिकल फाइलों और फोटोकॉपी का झंझट भी खत्म होगा। ऑफिसों में चक्कर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी और समय, संसाधन और एनर्जी – तीनों की बचत होगी।
सीएम विष्णु देव साय ने की पहल की तारीफ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस डिजिटल पहल की खुले दिल से सराहना की है। उन्होंने कहा कि इससे सिर्फ सिस्टम ही नहीं सुधरेगा, बल्कि आम जनता और कर्मचारियों के बीच सरकार के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा। सीएम ने डिजीलॉकर के साथ तकनीकी समन्वय, दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और पेंशन संचालनालय की मेहनत की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, “पारदर्शिता और तकनीक ही भविष्य का रास्ता है।”
सरकार अब कागज़ी सिस्टम से बाहर निकलकर डिजिटल इंडिया की तरफ तेज़ी से कदम बढ़ा रही है। इस पहल से कर्मचारियों, पेंशनरों और खुद प्रशासन – तीनों को सीधा फायदा होगा। फाइलों के ढेर से राहत मिलेगी और काम भी फटाफट होगा। यही तो चाहिए एक स्मार्ट शासन में!



