
CM Secretariat Reshuffle List: छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय में बड़े पैमाने पर बदलाव किए हैं. राज्य शासन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार सचिवालय में तैनात अलग-अलग सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों को विभागवार नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना और जनसमस्याओं का समय पर निपटारा करना है. इसके साथ ही सरकार ने राज्य के पांचों संभागों में जमीनी स्तर पर कार्यों की सीधे निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी कर दी है.
प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव मुकेश बंसल को मिले ये महत्वपूर्ण विभाग
सचिवालय के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शुमार प्रमुख सचिव सुबोध सिंह के कंधों पर केंद्र और राज्य के बीच समन्वय की सबसे बड़ी जिम्मेदारी दी गई है. वहीं सचिव मुकेश बंसल को राज्य के आर्थिक और बुनियादी विकास से जुड़े बेहद संवेदनशील महकमों की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है. इन दोनों अधिकारियों के पास निम्नलिखित मुख्य कार्य रहेंगे:
- प्रमुख सचिव सुबोध सिंह पीएमओ, राष्ट्रपति भवन, नीति आयोग, मंत्रिपरिषद समन्वय और मुख्यमंत्री की विशेष परियोजनाओं का काम संभालेंगे.
- सचिव मुकेश बंसल को कृषि, ऊर्जा, खाद्य और आबकारी सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विभागों की सीधी निगरानी सौंपी गई है.
सचिव पी. दयानंद और राहुल भगत संभालेंगे स्वास्थ्य, लोक निर्माण और गृह विभाग की कमान
राज्य सरकार ने जनहित से सीधे जुड़े विभागों जैसे स्वास्थ्य, सड़क निर्माण और कानून व्यवस्था को गति देने के लिए पी. दयानंद और राहुल भगत को महत्वपूर्ण मोर्चे पर लगाया है. इन दोनों अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों की सूची इस प्रकार है:
- सचिव पी. दयानंद अब लोक निर्माण विभाग (PWD), स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री राहत कोष के कार्यों का संचालन करेंगे.
- सचिव राहुल भगत को गृह, परिवहन, पर्यटन, खेलकूद के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास जैसे महत्वपूर्ण और बड़े विभागों का प्रभार दिया गया है.

विशेष सचिव रजत बंसल और संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को मिली जनदर्शन और सुशासन की जिम्मेदारी
आम जनता की शिकायतों के त्वरित निवारण और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय ने विशेष सचिव रजत बंसल और संयुक्त सचिव प्रभात मलिक के विभागों में बड़ा बदलाव किया है. इनकी नई जिम्मेदारियों का विवरण नीचे दिया गया है:
- विशेष सचिव रजत बंसल को सुशासन तिहार, शिक्षा विभाग, राइट टू एजुकेशन (RTE), पंचायत और आवास विभाग का काम दिया गया है.
- संयुक्त सचिव प्रभात मलिक अब मुख्यमंत्री जनदर्शन, शिकायत निवारण, राजस्व, नगरीय प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे.
प्रशासनिक कसावट के लिए पहली बार नियुक्त किए गए संभागवार नोडल अधिकारी
छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार मुख्यमंत्री सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे संभागों की जिम्मेदारी दी गई है ताकि सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का पता लगाया जा सके. प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने के लिए तय किए गए नोडल अफसरों की सूची इस प्रकार है:
- रायपुर संभाग की जिम्मेदारी सचिव मुकेश बंसल को दी गई है.
- बिलासपुर संभाग की कमान सचिव पी. दयानंद संभालेंगे.
- बस्तर संभाग के नोडल अधिकारी सचिव राहुल भगत बनाए गए हैं.
- सरगुजा संभाग की देखरेख विशेष सचिव रजत बंसल करेंगे.
- दुर्ग संभाग का जिम्मा संयुक्त सचिव प्रभात मलिक को सौंपा गया है.
इन बदलावों से प्रशासनिक व्यवस्था और जनसमस्याओं के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद
मुख्यमंत्री सचिवालय में किए गए इस बड़े प्रशासनिक बदलाव के पीछे सरकार की एक सोची-समझी रणनीति काम कर रही है. नए प्रभार सौंपे जाने के बाद शासन को उम्मीद है कि विकास कार्यों में पारदर्शिता आएगी और जनता से जुड़ी फाइलों का निपटारा जल्दी हो सकेगा. इस नए सेटअप के मुख्य उद्देश्य और प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति से जिलों में चल रहे विकास कार्यों की सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से मॉनिटरिंग हो सकेगी.
- जनदर्शन और शिकायत निवारण सेल को मजबूत करने से आम नागरिकों की समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित हो पाएगा.
- कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में वरिष्ठ अधिकारियों की सीधी निगरानी से योजनाओं का लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचेगा.



