
रायपुर, 17 अप्रैल 2025: Sai Cabinet Meeting: छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने एक और बड़ी कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुआई में मंत्रालय स्थित महानदी भवन में इस बैठक का आयोजन हुआ, जहां राज्य हित से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। छोटे व्यापारियों की वर्षों पुरानी मांगों को मानते हुए सरकार ने उन्हें बड़ी राहत दी, वहीं युवाओं और उद्यमों के लिए भी कई सराहनीय कदम उठाए गए।
बैठक में क्या-क्या फैसला हुआ, और उन फैसलों का जनता पर क्या असर पड़ेगा? आइए, एक-एक बिंदु पर विस्तार से जानते हैं:
छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत: पुरानी वैट देनदारी होगी माफ
छत्तीसगढ़ के लघु और मध्यम व्यापारियों को राहत देते हुए सरकार ने ‘बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025’ को मंजूरी दी है।
क्या है इस फैसले में ख़ास?
- 10 साल से अधिक पुराने वैट मामलों में,
- ₹25,000 तक की बकाया राशि माफ की जाएगी।
- यह फैसला 40,000 से ज़्यादा व्यापारियों को फायदा देगा।
इससे क्या होगा?
- व्यापारी लंबे समय से पुराने टैक्स मामलों के कारण परेशान थे।
- अब इन पर मुकदमे भी कम होंगे — 62,000 से अधिक केसों में मुकदमेबाज़ी घटेगी।
- व्यापारियों को राहत मिलेगी और कानूनी खर्चों से भी छुटकारा।
इस फैसले से सरकार ने यह संकेत दे दिया है कि वह व्यापारियों के साथ है और बिना ज़रूरत कोर्ट-कचहरी का बोझ डालने के पक्ष में नहीं है।
छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए खुशखबरी: परीक्षा शुल्क होगा रिफंड
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब जो युवा छत्तीसगढ़ की लोक सेवा आयोग (CGPSC), व्यापम (CG Vyapam) या क्षेत्रीय चयन बोर्ड की परीक्षा में बैठेंगे, उन्हें परीक्षा देने के बाद शुल्क वापस मिल जाएगा।
किन्हें मिलेगा फायदा?
- छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी,
- जो परीक्षा या साक्षात्कार में उपस्थिति दर्ज कराएंगे,
- उन्हें फॉर्म में दी गई फीस वापिस की जाएगी।
इस फैसले के पीछे की सोच क्या है?
- बहुत से नॉन-सिरियस उम्मीदवार फॉर्म भरते हैं, लेकिन परीक्षा नहीं देते।
- इससे असली अभ्यर्थियों का नुकसान और सरकार का खर्च बढ़ता है।
- अब सिरियस कैंडिडेट्स ही आएंगे, और रिसोर्सेस का बेहतर उपयोग होगा।
सरकार के इस कदम से युवाओं का विश्वास भी शासन पर मजबूत होगा।
NIFT का नया कैंपस नया रायपुर में, फैशन की दुनिया में छत्तीसगढ़ की एंट्री
छत्तीसगढ़ अब सिर्फ कोयला, लोहा और चावल के लिए नहीं, फैशन एजुकेशन और डिज़ाइन के लिए भी पहचाना जाएगा। राज्य सरकार ने नया रायपुर में NIFT (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी) खोलने को मंजूरी दे दी है।
क्या है इस प्रोजेक्ट का स्केल?
- कुल लागत: ₹271.18 करोड़
- भूमि खरीद: ₹21.18 करोड़
- भवन निर्माण: ₹200 करोड़
- मशीनरी व फर्नीचर: ₹50 करोड़
छात्रों को क्या फायदा होगा?
- फैशन डिज़ाइन, टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और मैनेजमेंट में डिग्री कोर्स
- इंडस्ट्री से जुड़ाव और प्लेसमेंट के शानदार मौके
- राज्य के युवाओं को अब बाहर नहीं जाना पड़ेगा फैशन की पढ़ाई के लिए
इससे छत्तीसगढ़ में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और फैशन उद्योग को प्रशिक्षित टैलेंट मिलेगा।
बायो-CNG प्लांट्स को रियायती दर पर ज़मीन
सरकार हरित ऊर्जा (Green Energy) को भी बढ़ावा देने के मूड में है। कैबिनेट ने फैसला लिया कि शहरी निकायों में जो बायो-CNG संयंत्र लगाए जाएंगे, उन्हें रियायती दर पर सरकारी ज़मीन उपलब्ध कराई जाएगी।
इसका मतलब क्या?
- जैव अपशिष्ट और कृषि अपशिष्ट का निपटारा
- स्वच्छ शहरों की दिशा में कदम
- बायो-फ्यूल के रूप में सस्टेनेबल एनर्जी सोर्स तैयार
सरकार ने संबंधित नगर निगमों और नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस पर जल्द कार्यवाही शुरू की जाए।
PDS के लिए शक्कर अब सिर्फ सहकारी मिलों से
सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में अब शक्कर की आपूर्ति के लिए सरकार ने राज्य की सहकारी चीनी मिलों से खरीद का फैसला लिया है।
खरीद की शर्तें:
- अवधि: अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक
- क्रय मूल्य: ₹37,000 प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जीएसटी अतिरिक्त)
इससे ना सिर्फ सहकारी मिलों को स्थिर बाजार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण भी होगा।
BEML को 100 एकड़ ज़मीन: औद्योगिक विस्तार और रोजगार की नई उम्मीद
सरकार ने भारत की प्रतिष्ठित कंपनी BEML (Bharat Earth Movers Limited) को छत्तीसगढ़ में हैवी इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
क्या मिलेगा BEML को?
- 100 एकड़ भूमि टोकन रेट पर दी जाएगी।
- इसके बदले में BEML राज्य में बड़ी इंडस्ट्री लगाएगी।
इससे क्या होगा?
- स्थानीय स्तर पर हजारों नौकरियों के अवसर
- सूक्ष्म और लघु उद्योगों को बड़ा सपोर्ट
- टेक्निकल मैनपावर को रोजगार के नए मौके
सरकार ने साफ किया है कि यह यूनिट छत्तीसगढ़ को औद्योगिक हब के रूप में और आगे ले जाएगी।
सभी जनहित के फैसले ज़मीन तक पहुंचने चाहिए
साय सरकार की इस बैठक में लिए गए फैसले सिर्फ फाइलों में नहीं, जनता की ज़िंदगी में बदलाव लाने वाले हैं — ऐसा सरकार का दावा है। व्यापारी हो, छात्र हो, युवा हो या उद्योग — हर किसी को कुछ ना कुछ मिला है। अब जनता को इंतजार है इन फैसलों के अमल का।
श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में लिए महत्वपूर्ण निर्णय पढ़े विस्तार से-
- मंत्रिपरिषद की बैठक में परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के हित में निर्णय लिया गया कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग, छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल एवं विशेष कनिष्ठ कर्मचारी चयन बोर्ड, सरगुजा/बस्तर/बिलासपुर द्वारा आयोजित परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी अभ्यर्थी जो परीक्षा अथवा साक्षात्कार में उपस्थित होंगे उन्हें उनके द्वारा दी गई परीक्षा शुल्क की राशि वापस की जाएगी।
- इससे सिरियस केन्डीडेट की परीक्षा में उपस्थिति का प्रतिशत बढ़ेगा, वहीं नॉन सिरियस केन्डीडेट और इनइलिजिबल केन्डीडेट परीक्षा फॉर्म नहीं भरेंगे और इनके कारण राज्य शासन को होने वाली आर्थिक क्षति भी कम होगी।
- कैबिनेट की बैठक में राज्य के छोटे व्यापारियों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए छत्तीसगढ़ बकाया कर, ब्याज एवं शास्ति के निपटान (संशोधन) अध्यादेश-2025 के प्रारूप में निहित संशोधन का अनुमोदन किया गया।
- जिसके अनुसार राज्य सरकार छोटे व्यापारियों को प्रोत्साहित करेगी और 10 साल से अधिक पुराने लंबित मामलों में 25 हजार रूपए तक की वैट देनदरियों को माफ करेगी। इससे 40 हजार से अधिक व्यापारियों को लाभ होगा और 62 हजार से अधिक मुकदमेबाजी के मामलों में कमी आएगी।
- कैबिनेट की बैठक में नवा रायपुर, छत्तीसगढ़ में एन.आई.एफ.टी. (NIFT) के कैम्पस को मंजूरी प्रदान की गई। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) का नया कैम्पस छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर में स्थापित किया जाएगा। कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के अनुसार इस परियोजना की कुल संभावित लागत करीब 271.18 करोड़ रुपये होगी। इसमें भूमि क्रय हेतु 21.18 करोड़, भवन निर्माण के लिए 200 करोड़ और मशीनरी, फर्नीचर आदि के लिए 50 करोड़ रुपये का व्यय शामिल है।
इस संस्थान की स्थापना से फैशन शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को नए अवसर मिलेंगे और फैशन उद्योग को तकनीकी रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन भी उपलब्ध हो सकेंगे। राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) भारत में फैशन शिक्षा का एक प्रमुख संस्थान है, जिसकी स्थापना 1986 में कपड़ा मंत्रालय, भारत सरकार के तहत हुई थी। एन.आई.एफ.टी. के पूरे भारत में 17 परिसर हैं, जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु शामिल हैं। यह संस्थान फैशन डिजाइन, प्रबंधन और प्रौद्योगिकी में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्थान फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल डिजाइन, फैशन प्रबंधन और फैशन प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखता है। यह छात्रों को व्यावहारिक अनुभव और प्लेसमेंट के अवसर प्रदान करने के लिए फैशन उद्योग के साथ सहयोग करता है। - मंत्रिपरिषद ने राज्य के नगरीय निकायों में जैव अपशिष्ट सह कृषि अपशिष्ट के प्रसंस्करण हेतु स्थापित किये जा रहे बायो-सीएनजी संयंत्रों हेतु रियायती लीज (Lease) दरों पर शासकीय भूमि आबंटन किये जाने की सहमति प्रदान करते हुए आगे की कार्यवाही के लिए नगरीय प्रशासन विभाग एवं संबंधित नगर निगमों को अधिकृत किया है।
- मंत्रिपरिषद ने राज्य में सहकारिता को प्रोत्साहन दिये जाने के उद्देश्य से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत शक्कर वितरण हेतु अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक आवश्यक शक्कर का क्रय राज्य के सहकारी शक्कर कारखानों से करने का निर्णय लिया है। इस हेतु शक्कर का क्रय मूल्य 37,000 रू. प्रति टन (एक्स फैक्ट्री, जी.एस.टी. अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।
- मंत्रिपरिषद ने स्थानीय रोजगार और सूक्ष्म-लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को राज्य में हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र स्थापित करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इसके लिए 100 एकड़ भूमि को टोकन दर पर आबंटित करने का निर्णय लिया है।



