
दुर्ग। CG Bhuiyan App Land Scam: छत्तीसगढ़ सरकार के ऑनलाइन भूमि प्रबंधन प्लेटफॉर्म भुइंया एप के जरिए जमीनों की हेराफेरी का बड़ा मामला दुर्ग जिले से सामने आया है। यहां 765 एकड़ सरकारी और निजी जमीन के रिकॉर्ड में फर्जीवाड़ा कर करोड़ों की हेराफेरी की गई है। शुरुआती जांच के बाद दो पटवारियों को निलंबित और 18 का तबादला किया गया है।
52 बोगस खसरा नंबर, 500 करोड़ की जमीन पर फर्जीवाड़ा
Durg Land Scam News 2025: यह घोटाला मुरमुंदा पटवारी हलका के अंतर्गत आने वाले मुरमुंदा, अछोटी, चेटुवा और बोरसी गांवों में हुआ है। यहां जमीन के रिकॉर्ड में 52 फर्जी खसरा नंबर जारी कर शासकीय और निजी जमीन को फर्जी बटांकन के ज़रिए अलग-अलग लोगों के नाम दर्ज कर दिया गया। कई मामलों में इन फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर बैंकों से लोन तक ले लिया गया।
Bhuiyan App Corruption Case: जिन जमीनों में गड़बड़ी की गई है, उनमें से कई की लोकेशन मुख्य सड़कों के पास है, जिसकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 500 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
निलंबित पटवारी, ID से हुई छेड़छाड़
Bhuiyan Portal Land Record Manipulation: प्राथमिक जांच में सामने आया है कि फर्जीवाड़ा करने के लिए पाटन के पटवारी मनोज नायक और अहिवारा के पटवारी कृष्ण कुमार सिन्हा की ID का इस्तेमाल कर जमीन रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई। NIC से मिले इनपुट के बाद दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका, रायपुर और कोरबा तक कनेक्शन
अधिकारियों को संदेह है कि यह घोटाला एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है, जिसके तार रायपुर, दुर्ग, कोरबा सहित अन्य जिलों से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
मंत्री ने जताई सख्ती, FIR की तैयारी
मंगलवार को यह मामला जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के संज्ञान में लाया गया। उन्होंने कहा,
“765 इंच भी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
वहीं, दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर ने जानकारी दी कि रिकॉर्ड में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद जमीन सुधार की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और एफआईआर दर्ज करने की तैयारी की जा रही है ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
कार्रवाई जारी, आगे भी खुल सकते हैं कई परतें
FIR in Bhuiyan Land Scam: प्रशासन की मानें तो यह घोटाला सिर्फ दुर्ग तक सीमित नहीं हो सकता। अधिकारियों का कहना है कि पूरे प्रदेश में भुइंया एप से हुए रिकॉर्ड बदलावों की भी जांच की जा सकती है। इस मामले में कुछ और नामचीन लोगों के शामिल होने की भी संभावना जताई जा रही है।
Land Fraud in Borasi and Achhoti Villages: भुइंया एप, जो जमीन रिकॉर्ड की पारदर्शिता लाने के लिए बनाया गया था, अब खुद घोटाले का ज़रिया बनता दिख रहा है। इससे न केवल सरकारी जमीन का नुकसान हुआ है, बल्कि आम जनता के भरोसे को भी झटका लगा है।
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