CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की 10 बड़ी खबरें तमिलनाडु में बंधक छत्तीसगढ़ के 48 मजदूरों की मुक्ति, यूरिया पर टोकन आफत, फार्मेसी में AI से सामूहिक नकल, 10वीं-12वीं पूरक परीक्षा का शेड्यूल, क्रेडा को नेशनल अवार्ड, अनुकंपा नियुक्ति पर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, रायगढ़ में स्टील प्लांट का उग्र विरोध, बीजापुर तेंदूपत्ता अग्निकांड में सस्पेंशन, डिस्टिलरीज पर कोर्ट कमिश्नर की जांच और PMAY के तहत करोड़ों का फंड जारी समेत पढ़ें छत्तीसगढ़ की बड़ी खबरें…

CG Top 10 News Today: छत्तीसगढ़ की सभी बड़ी और छोटी खबरें रोजाना हमारी नजर में रहती हैं। दक्षिण कोसल के विशेष सेगमेंट ‘CG की 10 बड़ी खबरें’ में हम आपको समाचार जगत की हर गतिविधि का अपडेट सरल और सहज भाषा में प्रदान करेंगे। तो आइए, पत्रकारिता की इस दुनिया में बने रहें और छत्तीसगढ़ की हर ताजातरीन खबर से अपनी जानकारी को और विस्तृत करे
तमिलनाडु की गौशाला से मुक्त कराए गए छत्तीसगढ़ के 48 बंधुआ मजदूर
तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले से बंधक बनाए गए छत्तीसगढ़ के 48 मजदूरों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। यह सभी मजदूर जांजगीर-चांपा जिले के रहने वाले हैं, जिन्हें देवंदवक्कम गांव की एक बड़ी गौशाला में बंधक बनाकर रखा गया था। इस पूरे मामले का भंडाफोड़ तब हुआ जब वहां से एक मजदूर किसी तरह भाग निकला और उसने स्थानीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गौशाला पर छापा मारकर महिलाओं और बच्चों समेत सभी 48 लोगों को आजाद कराया। मुक्त कराए गए मजदूरों ने बताया कि उस गौशाला में करीब 2,000 गायें हैं। उनसे दिन में 14 घंटे से भी ज्यादा समय तक जबरन काम लिया जाता था। जांच में पता चला है कि पिछले 25 दिनों से उन्हें कोई मजदूरी नहीं दी गई थी और उन्हें परिसर से बाहर जाने की अनुमति भी नहीं थी। अधिकारियों के अनुसार, अरविंद नाम के एक बिचौलिए ने इन मजदूरों को काम पर लगवाया था। गौशाला के मालिक नटराजन और उसकी पत्नी ने हर जोड़े को ₹700 रोज की मजदूरी और ₹75,000 अग्रिम देने का लालच दिया था। इन मजदूरों का पहला समूह 5 मई को वहां पहुंचा था, जबकि दूसरा समूह बाद में बच्चों के साथ गया।
यूरिया की कालाबाजारी रोकने के लिए अब खाद वितरण में लागू होगी टोकन व्यवस्था
छत्तीसगढ़ सरकार खरीफ सीजन 2026 में यूरिया और अन्य खादों की जमाखोरी तथा कृत्रिम किल्लत को रोकने के लिए एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। कृषि विभाग अब धान की तर्ज पर ही खाद के लिए भी टोकन आधारित वितरण प्रणाली शुरू करने पर विचार कर रहा है। इसके तहत किसानों को उनकी जमीन के रकबे और वास्तविक जरूरत के हिसाब से ही सीमित मात्रा में यूरिया दिया जाएगा ताकि बाजार में इसकी अवैध बिक्री रोकी जा सके। इस नई व्यवस्था को सबसे पहले गरियाबंद और बीजापुर जैसे आदिवासी बहुल जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। अगर यहां यह प्रयोग सफल रहता है, तो इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। विभाग का मानना है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता आएगी। खाद की बढ़ती मांग के बीच विभाग ने जांच तेज कर दी है। कोरबा में नियमों का उल्लंघन करने वाली छह दुकानों को नोटिस दिया गया है, जबकि जांजगीर-चांपा में 2,638 बोरी खाद जब्त कर एक दुकान को सील किया गया है। इसके साथ ही, रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने के लिए इस साल 40,000 एकड़ में हरी खाद उगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल सिर्फ 10,000 एकड़ था। साथ ही 3 लाख बोतल बायो-फर्टिलाइजर बांटने की तैयारी है।
- कुल आवंटित खाद: केंद्र सरकार ने खरीफ सीजन 2026 के लिए छत्तीसगढ़ को 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद आवंटित किया है।
- यूरिया और डीएपी का कोटा: इसमें 7.25 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 3 लाख मीट्रिक टन डीएपी शामिल है।
- वर्तमान स्टॉक: अभी सहकारी समितियों और सरकारी गोदामों में 9.29 लाख मीट्रिक टन उर्वरक मौजूद है, जिसमें से 3.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक किसानों को बांटा जा चुका है।
फार्मेसी परीक्षा में एआई और वाट्सऐप से सामूहिक नकल, 4 केंद्रों की मान्यता रद्द
छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) ने 7 मई को आयोजित डी.फार्मेसी दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। जांजगीर-चांपा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिलों के परीक्षा केंद्रों में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और सामूहिक नकल की पुष्टि हुई है। इसके चलते 7 कॉलेजों के 526 छात्रों की परीक्षा रद्द कर दी गई है और जल्द ही नई तारीखें घोषित की जाएंगी। जांच में सामने आया कि परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले ही प्रश्नपत्र और उसके उत्तर वाट्सऐप के जरिए छात्रों के मोबाइल पर पहुंच गए थे। फ्लाइंग स्क्वाड को कई परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं में एक जैसे जवाब मिले। कुछ छात्र परीक्षा हॉल में चैटजीपीटी और जेमिनी जैसे एआई टूल्स का उपयोग कर नकल करते हुए पकड़े गए। नकल को बढ़ावा देने के लिए कई केंद्रों में जानबूझकर सीसीटीवी कैमरे बंद रखे गए थे। केसरी कॉलेज ऑफ फार्मेसी में जांच दल को डीवीआर तक नहीं दिया गया। ज्ञान रौशनी फार्मेसी कॉलेज में वीक्षक की टेबल से ही 20 पन्नों की पर्चियां मिलीं। वहीं पामगढ़ के संस्कृति इंस्टीट्यूट में एक ऑब्जर्वर के मोबाइल में ही बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQ) के उत्तर पाए गए, जिसके बाद उसका फोन जब्त कर लिया गया। विश्वविद्यालय ने इन चारों दोषी संस्थानों की मान्यता रद्द करने की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीजीबीएसई ने जारी किया 10वीं-12वीं की पूरक परीक्षा का टाइम टेबल
छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं की ‘द्वितीय अवसर मुख्य परीक्षा’ (पूरक परीक्षा) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। जो छात्र मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए थे या अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं, वे इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। बोर्ड के मुताबिक, यह परीक्षाएं 8 जुलाई से शुरू होकर 22 जुलाई 2026 तक चलेंगी। सभी परीक्षाओं का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना विस्तृत विषयवार टाइम टेबल देख सकते हैं।
‘मंथ ऑफ सोलर’ में छत्तीसगढ़ को मिलेगा नेशनल अवार्ड, वेंडर रजिस्ट्रेशन में दूसरा स्थान
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत चलाए गए ‘मंथ ऑफ सोलर’ अभियान में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के लिए राज्य को केंद्र सरकार की ओर से एक्सीलेंस अवार्ड दिया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए ऊर्जा विभाग और क्रेडा (CREDA) की टीम को बधाई दी है। छत्तीसगढ़ ने मध्यम उपभोक्ता संख्या वाले राज्यों की श्रेणी में सबसे अधिक सोलर वेंडर रजिस्ट्रेशन करने के मामले में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुरस्कार राज्य में स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे आम लोगों के बिजली बिल में भी राहत मिलेगी।
हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: परिवार में सरकारी नौकरी होने पर भी मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
बिलासपुर हाईकोर्ट ने अनुकंपा नियुक्ति के नियमों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि परिवार के किसी एक सदस्य के पास सरकारी नौकरी होने मात्र से दूसरे पात्र सदस्य का अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने कहा कि अधिकारियों को केवल दफ्तर में बैठकर तकनीकी नियमों का हवाला नहीं देना चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवार की वास्तविक आर्थिक स्थिति और लाचारी को देखना चाहिए। यह मामला अंबिकापुर नगर निगम का है, जहां एक सफाई कर्मचारी की सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी। उनके पीछे पत्नी, तीन बेटे और एक बेटी का परिवार रह गया। जब बेटे ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया, तो निगम कमिश्नर ने वर्ष 2013 की नीति का हवाला देकर इसे नामंजूर कर दिया क्योंकि उसकी मां पहले से ही सफाई कर्मी के पद पर थीं। बेटे ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने नगर निगम की दलील को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि अनुकंपा नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य किसी बेसहारा परिवार को अचानक आए आर्थिक संकट और भुखमरी से बचाना है। कोर्ट ने कहा कि किसी सदस्य का बहुत कम वेतन वाले पद पर होना यह साबित नहीं करता कि परिवार की माली हालत ठीक है।
रायगढ़ में नए स्टील प्लांट का विरोध, 20 गांवों के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
रायगढ़ जिले में 6 जुलाई को होने वाली आधिकारिक जनसुनवाई से पहले औद्योगिक तनाव बढ़ गया है। पतरापाली और कोतरलिया सहित करीब 20 गांवों के निवासियों ने सिंघल स्टील प्राइवेट लिमिटेड के प्रस्तावित ग्रीनफील्ड स्टील प्लांट का कड़ा विरोध शुरू कर दिया है। कंपनी इस परियोजना के लिए लगभग 1,000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करना चाहती है, लेकिन ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे बिना ठोस लिखित गारंटी के एक इंच भी जमीन नहीं देंगे। ग्रामीणों ने एक बैठक कर आरोप लगाया कि इससे पहले जेएसडब्ल्यू और वीजा स्टील जैसी कंपनियों ने प्लांट लगाने के नाम पर करीब 1,500 एकड़ जमीन सालों से रोक रखी है, लेकिन वहां अब तक कोई उद्योग शुरू नहीं हुआ। इससे किसान अपनी खेती से भी हाथ धो बैठे और उन्हें रोजगार या उचित मुआवजा भी नहीं मिला।
बीजापुर के ईटपाल तेंदूपत्ता गोदाम अग्निकांड में दो वनरक्षक सस्पेंड
बीजापुर जिले के ईटपाल में स्थित एक बड़े तेंदूपत्ता गोदाम में 25 मई को लगी भीषण आग के मामले में वन विभाग ने पहली प्रशासनिक कार्रवाई की है। इस हादसे में करीब 6.77 करोड़ रुपये का तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया था। मामले की शुरुआती जांच के बाद नए वनमंडलाधिकारी (DFO) ने गोदाम सहायक सुनील बुरका को सस्पेंड कर दिया है, जबकि एक अन्य वनरक्षक कामेश्वर एनका के निलंबन का प्रस्ताव इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक को भेजा है। इस अग्निकांड में जिला यूनियन बीजापुर की 8 समितियों के 13 तेंदूपत्ता लॉट जल गए थे। घटना के तीसरे दिन ही तत्कालीन डीएफओ को पद से हटा दिया गया था, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के आठ दिन बाद भी रेंज अफसर और डिप्टी रेंजर स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग का कहना है कि पूरी विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे के कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, जिला यूनियन ने साफ किया है कि इस नुकसान का असर पत्ता तोड़ने वाले ग्रामीणों के भुगतान पर नहीं पड़ेगा और उन्हें ₹5,500 प्रति मानक बोरा की दर से पूरी मजदूरी दी जाएगी।
शराब फैक्ट्रियों से नदी प्रदूषण के मामले में हाईकोर्ट सख्त, कोर्ट कमिश्नर करेंगे जांच
छत्तीसगढ़ की शिवनाथ और खारून नदी में शराब फैक्ट्रियों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण के मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले में सरकारी विभागों द्वारा पेश की गई सफाई रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया है। वास्तविक जमीनी स्थिति का पता लगाने के लिए हाईकोर्ट ने दो वकीलों को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया है, जो अगले 30 दिनों में अपनी सीलबंद रिपोर्ट अदालत को सौंपेंगे। इससे पहले हुई सुनवाई में राज्य सरकार और पर्यावरण संरक्षण मंडल ने अदालत को बताया था कि नदियों के पानी में ऑक्सीजन का स्तर तय मानकों के अनुसार है और पानी प्रदूषित नहीं है। वहीं भाटिया डिस्टिलरीज ने भी समाचारों में आए प्रदूषण के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उनका प्लांट ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज’ तकनीक पर चलता है, जिससे कोई भी कचरा बाहर नहीं जाता। सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि पर्यावरण मंडल ने नियमों के लगातार उल्लंघन के कारण वेलकम डिस्टिलरीज को पहले ही बंद करने का आदेश जारी किया है और उस पर 54.60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अब कोर्ट कमिश्नर वैभव शुक्ला और अपूर्व त्रिपाठी पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर फैक्ट्रियों का औचक निरीक्षण करेंगे, जिसकी रिपोर्ट से आगे की कानूनी दिशा तय होगी।
पीएम आवास योजना के लिए छत्तीसगढ़ को मिले केंद्र से फंड, सीएम ने जताया आभार
छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास और गरीब परिवारों को पक्का मकान देने की मुहिम को केंद्र सरकार से बड़ी मदद मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ समेत 12 राज्यों के लिए ₹10,021 करोड़ से अधिक की राशि जारी की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस वित्तीय सहायता का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि राज्य के हजारों गरीब परिवारों के अपने घर के सपने को सच करने में मदद करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य की डबल इंजन सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ अंतिम छोर पर बैठे पात्र हितग्राहियों तक इस योजना का लाभ समय पर पहुंचाना सुनिश्चित करेगी।



