छत्तीसगढ़ सूचना आयोग में नई नियुक्तियां: पूर्व मुख्य सचिव अमिताभ जैन बने मुख्य सूचना आयुक्त, शासन ने जारी किया आदेश

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन ने राज्य सूचना आयोग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने का निर्णय लेते हुए नई नियुक्तियों की घोषणा कर दी है। राज्य के पूर्व मुख्य सचिव और अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी अमिताभ जैन को नया मुख्य सूचना आयुक्त नियुक्त किया गया है। शासन का मानना है कि जैन के लंबे प्रशासनिक अनुभव से सूचना के अधिकार कानून को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। उनके साथ ही दो अन्य राज्य सूचना आयुक्तों की भी तैनाती की गई है, जिनमें सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमेश कुमार अग्रवाल और वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा के नाम शामिल हैं। इन नियुक्तियों को शासन ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

2019 के नए प्रावधानों के तहत मिलेगा वेतन और भत्ता, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की अधिसूचना

इन नियुक्तियों को लेकर सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य आयुक्तों की सेवा शर्तें, कार्यकाल और वेतन-भत्ते भारत सरकार के 24 अक्टूबर 2019 के नियमों के आधार पर तय होंगे। “सूचना का अधिकार नियम 2019” के तहत केंद्र सरकार ने देशभर के सूचना आयोगों के लिए एक समान व्यवस्था सुनिश्चित की है। राज्यपाल के नाम से जारी इस आदेश में बताया गया है कि नवनियुक्त पदाधिकारी सूचना के अधिकार कानून के दायरे में रहकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगे और शासन की पारदर्शिता को बढ़ाने का काम करेंगे।

हजारों लंबित मामलों के निपटारे की जगी उम्मीद, आरटीआई आवेदकों को मिलेगी राहत

राज्य सूचना आयोग में रिक्तियों की वजह से पिछले काफी समय से आरटीआई से जुड़े हजारों मामलों की सुनवाई रुकी हुई थी। दूसरी अपील और शिकायतों के ढेर लगने के कारण नागरिकों को समय पर जानकारी नहीं मिल पा रही थी। अब मुख्य सूचना आयुक्त और दो नए आयुक्तों के पदभार संभालने के बाद लंबित प्रकरणों के निपटारे की प्रक्रिया में गति आने की संभावना है। प्रशासन में जवाबदेही तय करने और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सूचना आयोग एक मजबूत कड़ी के रूप में काम करता है। नए पैनल के गठन से आवेदकों को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

डॉ. शिरीष मिश्रा और उमेश अग्रवाल की नियुक्ति से कार्यप्रणाली होगी और अधिक पारदर्शी

सूचना आयोग में इस बार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ पत्रकारिता जगत के अनुभव को भी स्थान दिया गया है। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. शिरीष चंद्र मिश्रा की नियुक्ति से आयोग की कार्यप्रणाली में जनपक्षीय दृष्टिकोण मजबूत होने की उम्मीद है। वहीं, उमेश कुमार अग्रवाल का नौकरशाही का लंबा अनुभव कानूनी पेचीदगियों को सुलझाने में मददगार साबित होगा। यह नियुक्तियां सूचना के अधिकार कानून के मूल उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर नागरिक बिना किसी डर या बाधा के सरकारी कामकाज की जानकारी हासिल कर सके और लोकतंत्र की नींव और अधिक सशक्त हो।

Also Read: RTE प्रवेश नियम में बदलाव का विरोध: शैक्षणिक सत्र 2026-27 से निजी स्कूलों में केवल कक्षा 1 से मिलेगा दाखिला, पैरेंट्स एसोसिएशन ने फैसले को बताया ‘गरीब विरोधी’

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button