
रायपुर: नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मंत्री वर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके लिए विभाग को सक्रियता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। मंत्री ने महाविद्यालयों में प्राचार्यों एवं प्राध्यापकों तथा समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने हेतु बायोमैट्रिक्स मशीन लगाने और समय पर उपस्थित न होने वालों पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
ई-क्लासरूम और डिजिटल संसाधनों पर जोर
बैठक में उच्च शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए यूनिवर्सिटीज और संभाग के एक-एक महाविद्यालयों में स्टूडियो निर्माण, सभी महाविद्यालयों में ई-क्लासरूम विकसित करने और विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ बनाने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे सभी प्राध्यापकों से व्याख्यान बनाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएँ ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित हो सके।
भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्देश
मंत्री वर्मा ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, एनईपी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के कार्य को निरंतर जारी रखने तथा अतिथि व्याख्याताओं को एनईपी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
प्राचार्यों को समय पर अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने का आदेश
मंत्री वर्मा ने समस्त विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के प्राचार्यों को अकादमिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करने और समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राचार्य सुबह 10:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक महाविद्यालय में स्वयं अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कक्षाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएँ। शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के संकेत भी दिए गए।
25 दिन के भीतर प्रोफेसरों के प्रमोशन पर होगी कार्यवाही
बैठक के दौरान प्रोफेसरों के प्रमोशन के मामले पर भी चर्चा हुई और निर्देश दिए गए कि 25 दिन के भीतर प्रोफेसरों के प्रमोशन पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा सभी महाविद्यालयों में प्राचार्यों की नियुक्ति सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया। कैंपस से लेकर कक्षा तक सुधार करने के मंत्री के निर्देशों से उच्च शिक्षा विभाग में जवाबदेही बढ़ने की संभावना है।
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