
धमतरी शहर में बीते 24 घंटों के भीतर आत्महत्या के दो अलग-अलग मामलों ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। पहली घटना में जिला अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ और अगले दिन उसकी लाश पेड़ से लटकी मिली। वहीं, दूसरी घटना में एक बुजुर्ग ने सार्वजनिक शौचालय के भीतर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। इन घटनाओं के बाद शहर में सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल: वार्ड से गायब युवक की नाले के पास मिली लाश
रिसाईपारा निवासी 34 वर्षीय सोनू गुप्ता को शारीरिक कमजोरी और चक्कर आने की शिकायत के बाद 29 मार्च को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 30 मार्च की रात वह बिना किसी को बताए वार्ड से बाहर निकल गया। अगली सुबह शहर के पीडी नाला के पास उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। मृतक के हाथ में अब भी अस्पताल की पट्टी बंधी हुई थी। मुख्य मार्ग के पास शव मिलने से वहां लोगों का जमावड़ा लग गया। इस घटना ने जिला अस्पताल के सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि एक उपचाराधीन मरीज आधी रात को स्टाफ की नजरों से बचकर बाहर कैसे निकल गया।
बुजुर्ग का आत्मघाती कदम: सामुदायिक शौचालय में फंदे से झूला शव
आत्महत्या का दूसरा मामला गणेश चौक इलाके से सामने आया है। यहां के निवासी 65 वर्षीय दिलीप नामदेव ने बांसपारा स्थित एक सामुदायिक शौचालय के भीतर फांसी लगाकर जान दे दी। स्थानीय निवासियों ने जब शव देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से शव को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने पंचनामा तैयार कर शव का पोस्टमार्टम कराया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल बुजुर्ग द्वारा उठाए गए इस कड़े कदम के पीछे की वजह साफ नहीं हो पाई है।
जांच में जुटी कोतवाली पुलिस: आत्महत्या के कारणों की तलाश जारी
सिटी कोतवाली पुलिस दोनों ही मामलों की बारीकी से पड़ताल कर रही है। सोनू गुप्ता के मामले में पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि अस्पताल से निकलने के बाद वह सीधे नाले के पास क्यों गया और क्या वह किसी मानसिक तनाव में था। वहीं, दिलीप नामदेव के परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घर की स्थिति या किसी बीमारी के कोण को समझा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के समय और अन्य तकनीकी पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होगी।
शहर में चर्चा का माहौल: सुरक्षा और सतर्कता को लेकर उठ रही मांग
एक ही दिन में दो सुसाइड की खबरों से धमतरी शहर में गमगीन माहौल है। खासकर जिला अस्पताल से मरीज के लापता होने की घटना ने प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पतालों में सुरक्षा गार्डों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी सख्त होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के मानसिक तनाव की स्थिति में विशेषज्ञों की मदद लें और आत्मघाती कदम न उठाएं।



