
Bilaspur Ganja Smuggling News: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। सरकंडा पुलिस और एसीसीयू (ACCU) की संयुक्त टीम ने गांजे की तस्करी और बिक्री में शामिल दो महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़ी गई दोनों आरोपी महिलाएं सगी बहनें हैं। ये दोनों पहचान छिपाकर शहर के अलग-अलग मोहल्लों में गांजे की खेप पहुंचा रही थीं। पुलिस ने इनके पास से नशीले पदार्थों के साथ भारी मात्रा में नकदी भी बरामद की है।
पाटलीपुत्र नगर में मुखबिर की सूचना पर रेड
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पाटलीपुत्र नगर और राजकिशोर नगर क्षेत्र में दो महिलाएं सक्रिय हैं जो स्कूटी और कार के जरिए गांजे की सप्लाई कर रही हैं। खबर मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम तैयार की गई और बताए गए ठिकानों पर छापेमारी की गई। घेराबंदी के दौरान पुलिस ने देखा कि दोनों महिलाएं वाहनों में नशीला पदार्थ रखकर ग्राहकों का इंतजार कर रही थीं। तलाशी लेने पर उनके पास से भारी मात्रा में मादक पदार्थ और अन्य कीमती सामान मिला।
लाखों का कैश और लग्जरी गाड़ियां बरामद
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 किलो गांजा जब्त किया है। इसके अलावा उनके पास से 5 लाख 98 हजार 30 रुपये की नकदी बरामद हुई है। जांच टीम ने घटना में इस्तेमाल की जा रही एक कार और दो स्कूटी को भी कब्जे में ले लिया है। जब्त किए गए गांजे, नकदी और वाहनों की कुल कीमत करीब 15 लाख 78 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इनके पास से दो मोबाइल फोन और कुछ कीमती घड़ियां भी जब्त की हैं।
पहचान बदलकर कर रही थीं तस्करी
पकड़ी गई आरोपियों की पहचान मानकी केंवट उर्फ विनिता जोशी (30 वर्ष) और सुदामा केंवट उर्फ रानी यादव (40 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों मूल रूप से मस्तूरी क्षेत्र के जयराम नगर की रहने वाली हैं लेकिन फिलहाल सरकंडा में रहकर अपना अवैध कारोबार चला रही थीं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए नाम बदलकर रह रही थीं। आरोपी मानकी केंवट ने बताया कि वह अपने परिचित की कार का उपयोग गांजा ढोने के लिए कर रही थी।
कमाई के पैसों से खरीदी थीं गाड़ियां
पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों बहनें काफी समय से इस काले धंधे में शामिल थीं। गांजा बेचकर जो मोटी कमाई होती थी उससे उन्होंने नई स्कूटी खरीदी थी ताकि शहर की तंग गलियों में आसानी से गांजा सप्लाई किया जा सके। पुलिस ने बताया कि इन दोनों महिलाओं का आपराधिक रिकॉर्ड पुराना है और पहले भी इनके खिलाफ मादक पदार्थों की तस्करी के मामले दर्ज हो चुके हैं। वे जेल से छूटने के बाद दोबारा इसी रास्ते पर चल पड़ी थीं।
कोर्ट में पेशी और जेल की तैयारी
सरकंडा थाना पुलिस ने दोनों बहनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्हें गांजे की सप्लाई कहां से मिल रही थी और शहर में इनके मुख्य खरीदार कौन थे। आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया है जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया जाएगा। बिलासपुर पुलिस ने साफ किया है कि शहर में नशे का नेटवर्क चलाने वालों के खिलाफ आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



