
Kurud News: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यहां के ऐतिहासिक रामसागर तालाब में नहाने और धार्मिक रस्म निभाने उतरा एक 40 वर्षीय युवक गहरे पानी में समा गया। लगभग 24 घंटे तक चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद आखिरकार गोताखोरों की टीम ने रविवार सुबह युवक का शव तालाब से बाहर निकाल लिया है। मृतक की पहचान ग्राम उमरदा निवासी संतोष कंवर के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पीड़ित परिवार में मातम पसर गया है और स्थानीय क्षेत्र में शोक की लहर है।
रिश्तेदार के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने आया था परिवार, नहावन रस्म के दौरान बिगड़ा संतुलन
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम उमरदा निवासी संतोष कंवर शनिवार को कुरुद नगर में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर आयोजित पारिवारिक दशगात्र और नहावन कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। दोपहर के समय जब परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार पारंपरिक रीतियों के तहत रामसागर तालाब के घाट पर जलांजलि देने पहुंचे, तो संतोष भी उनके साथ पानी में उतरे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जलांजलि की रस्म पूरी करने के बाद संतोष तालाब में नहाने लगे और इसी दौरान वे अनजाने में पैर फिसलने के कारण घाट से दूर गहरे पानी की तरफ चले गए।
देखते ही देखते आंखों से ओझल हुआ युवक, बचाने की कोशिशें रहीं नाकाम, घाट पर मची अफरा-तफरी
तालाब के गहरे हिस्से में पहुंचते ही पानी के अत्यधिक दबाव के कारण संतोष अपना शारीरिक संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। पानी में खुद को बचाने के लिए उन्हें संघर्ष करता देख घाट पर मौजूद कुछ स्थानीय युवाओं और रिश्तेदारों ने तुरंत हाथ आगे बढ़ाकर उन्हें बचाने का प्रयास किया। हालांकि, जब तक लोग नाव या अन्य संसाधनों के जरिए उन तक पहुंच पाते, संतोष गहरे पानी के भीतर समा चुके थे और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गए। इस अचानक हुए हादसे के बाद तालाब किनारे चीख-पुकार मच गई और परिजनों ने तुरंत कुरुद थाना पुलिस को मामले की सूचना दी।

धमतरी से बुलाई गई गोताखोरों की विशेष टीम, रात के अंधेरे और कम दृश्यता के कारण रोकना पड़ा था रेस्क्यू
हादसे की खबर मिलते ही कुरुद थाना प्रभारी अवध राम साहू पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय स्तर पर तलाश करने के बाद जब सफलता नहीं मिली, तो जिला मुख्यालय धमतरी से नगर सैनिकों और गोताखोरों की विशेष रेस्क्यू टीम को आपातकालीन तौर पर कुरुद बुलाया गया। शनिवार की दोपहर से लेकर देर रात तक गोताखोरों ने ऑक्सीजन सिलेंडरों की मदद से तालाब के चप्पे-चप्पे को खंगाला। हालांकि, रात के समय पानी के भीतर गहरा अंधेरा होने और दृश्यता (विजिबिलिटी) बेहद कम हो जाने की वजह से रात करीब 11 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा।
रविवार सुबह सूर्योदय के साथ दोबारा शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन, सवा सात बजे मिला संतोष का शव
शनिवार रात को अभियान रुकने के बाद रविवार सुबह जैसे ही सूर्योदय हुआ, गोताखोरों की टीम ने स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में एक बार फिर रामसागर तालाब में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन की शुरुआत की। सुबह करीब सवा सात बजे, कड़ी मशक्कत और लंबे प्रयासों के बाद गोताखोरों को तालाब की तलहटी से संतोष कंवर का निष्प्राण शव ढूंढने में सफलता मिल गई। जैसे ही शव को पानी से बाहर निकालकर घाट पर लाया गया, वहां मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने तुरंत शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया।
सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ाया मदद का हाथ, मर्चुरी तक शव पहुंचाने में परिजनों को दिया सहयोग
हादसे के बाद तालाब किनारे जुटी भारी भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार मुस्तैद रहा। इस संकट की घड़ी में स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इंसानियत का फर्ज निभाया। वंदेमातरम सेवा समिति और बोलबम सेवा समिति के अध्यक्ष भानु चंद्राकर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे। इन संस्थाओं ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सरकारी एम्बुलेंस की व्यवस्था की और पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी कराने और शव को पोस्टमार्टम के लिए चीरघर (मर्चुरी) तक पहुंचाने में सक्रिय सहयोग दिया।
पेशे से राजमिस्त्री संतोष थे घर के इकलौते कमाऊ सदस्य, पुलिस ने जलाशयों में सावधानी बरतने की अपील की
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि संतोष कंवर अपने परिवार के मुख्य मुखिया और एकमात्र कमाऊ सदस्य थे, जिनके ऊपर पूरे घर के भरण-पोषण की जिम्मेदारी थी। उनकी इस तरह अचानक हुई असमय मौत से पूरे परिवार के सामने अब आर्थिक और मानसिक संकट का पहाड़ टूट पड़ा है। कुरुद पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है। इस दुखद घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी धार्मिक, सामाजिक या पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान नदी, तालाब या नहर में नहाते समय गहरे पानी में जाने से पूरी तरह बचें और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें।



