
रायपुर: राजधानी रायपुर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी तोमर को पुलिस मध्यप्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार कर रायपुर ले आई है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी की पहली तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह पुलिस कस्टडी में बनियान और लोअर में नजर आ रहा है। पुलिस अब उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है।
तोमर ब्रदर्स के खिलाफ जून महीने में महज 30 दिनों के भीतर मारपीट, वसूली, ब्लैकमेलिंग और अवैध सूदखोरी के 7 गंभीर मामले दर्ज हुए थे। इनमें एक केस तेलीबांधा थाने और छह पुरानी बस्ती थाने में दर्ज हैं। इन FIR के बाद भी दोनों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई थी। दोनों आरोपी 2 जून से फरार चल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान होते हुए मध्यप्रदेश पहुँचे, जहाँ वीरेंद्र ग्वालियर में एक किराए के मकान में छिपकर रह रहा था।
वीरेंद्र तोमर पर 2006 से दर्ज हैं गंभीर मामले
वीरेंद्र तोमर और उसके भाई रोहित तोमर पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वीरेंद्र तोमर पर दर्ज प्रमुख मामले:
- 2006: आजाद चौक थाने में कारोबारी पर चाकू से हमला।
- 2013: हत्या का केस दर्ज।
- 2019: पुरानी बस्ती थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना का केस, और एक व्यापारी द्वारा ब्लैकमेलिंग की शिकायत।
जबकि, रोहित तोमर पर दर्ज प्रमुख मामले:
- 2015: महिला द्वारा अप्राकृतिक कृत्य की रिपोर्ट।
- 2019: कोतवाली थाने में महिला द्वारा सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग का केस।
हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद हुई गिरफ्तारी
पुलिस की लगातार दबिश के बावजूद दोनों भाइयों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार लोकेशन बदलनी शुरू कर दी थी और कानूनी दांव-पेच अपनाए। हालांकि, हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जबकि उसका भाई रोहित तोमर अभी भी फरार है। पुलिस टीम उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।



