
Congress Training Camp: कांग्रेस पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। आगामी 10 फरवरी 2026 से नई दिल्ली में पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्षों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ सहित राजस्थान, पंजाब, झारखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के जिलाध्यक्ष जुटेंगे। पार्टी का मानना है कि जिलाध्यक्ष ही संगठन की असली ताकत होते हैं और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाकर ही आने वाली चुनावी चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।
दो चरणों में होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम
कांग्रेस आलाकमान ने इस ट्रेनिंग को दो हिस्सों में बांटा है ताकि बारीकियों पर ध्यान दिया जा सके। पहला चरण 10 फरवरी को दिल्ली के कोटला मार्ग स्थित इंदिरा भवन में होगा जिसमें एक दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम रखा गया है। इसके तुरंत बाद दूसरे चरण में 10 दिनों का एक सघन आवासीय शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान नेताओं को बाहरी दुनिया से दूर रहकर पूरी तरह पार्टी की कार्यप्रणाली और रणनीतियों को समझने का मौका मिलेगा।
राहुल गांधी करेंगे वन-टू-वन चर्चा
इस शिविर की सबसे खास बात नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का जिलाध्यक्षों के साथ सीधा संवाद होगा। राहुल गांधी केवल भाषण नहीं देंगे बल्कि हर जिले के अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से बात करेंगे। वे जानना चाहते हैं कि जिलों में सामाजिक और राजनीतिक समीकरण क्या हैं और वहां संगठन के सामने कौन सी बड़ी बाधाएं आ रही हैं। इस सीधा जुड़ाव का उद्देश्य पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और स्थानीय नेताओं के बीच की दूरी को कम करना है।
बूथ मैनेजमेंट और डिजिटल स्ट्रैटेजी पर जोर
ट्रेनिंग के दौरान जिलाध्यक्षों को आधुनिक समय की राजनीति के गुर सिखाए जाएंगे। इसमें बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने से लेकर सोशल मीडिया कैंपेन और डिजिटल रणनीति जैसे विषय शामिल हैं। इसके अलावा प्रभावी जनसंवाद और मीडिया मैनेजमेंट के जरिए पार्टी की विचारधारा को आम जनता तक पहुंचाने के तरीके भी बताए जाएंगे। पार्टी चाहती है कि हर जिलाध्यक्ष अपने क्षेत्र में एक प्रभावशाली वक्ता और कुशल रणनीतिकार के रूप में उभरे।
ठंड और सेहत का रखना होगा खास ख्याल
कांग्रेस मुख्यालय ने इस शिविर में आने वाले नेताओं के लिए एक विस्तृत गाइडलाइन भी जारी की है। चूंकि फरवरी में दिल्ली में कड़ाके की ठंड रहती है इसलिए नेताओं को गर्म कपड़े साथ लाने को कहा गया है। साथ ही शिविर में शारीरिक व्यायाम और चलने-फिरने जैसी गतिविधियां भी होंगी जिसके लिए आरामदायक जूते और नियमित दवाइयां साथ रखने के निर्देश दिए गए हैं। पार्टी ने सादगी और अनुशासन बनाए रखने के लिए सामान पर नाम और पता लिखने जैसी छोटी बातों का भी ध्यान रखने को कहा है।
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