CG Atmanand School News: 751 प्राचार्यों संग शिक्षा मंत्री की बड़ी बैठक कल, आत्मानंद स्कूलों के भविष्य पर हो सकता है फैसला

CG Atmanand School News: छत्तीसगढ़ के आत्मानंद स्कूलों को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने गुरुवार 9 मार्च को प्रदेशभर के करीब 751 प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के संचालन को लेकर कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है। मंत्री पहले ही बजट सत्र के दौरान संकेत दे चुके हैं कि नए शिक्षा सत्र से इन स्कूलों में नई प्रवेश प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है।

आत्मानंद की जगह लेंगे पीएम श्री स्कूल

CG Education Minister Meeting: रायपुर के दीनदयाल ऑडिटोरियम में होने वाली इस बैठक का मुख्य केंद्र शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक सरकार पिछली कांग्रेस सरकार के समय शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिंदी माध्यम स्कूलों की जगह अब केंद्र की ‘पीएम श्री’ योजना को विस्तार देने की तैयारी में है। मंत्री बैठक के दौरान मौजूदा शैक्षणिक कार्यों की समीक्षा करेंगे और उसके बाद इन स्कूलों के भविष्य को लेकर सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखेंगे।

बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं पर फोकस

बैठक का एजेंडा केवल प्रशासनिक फेरबदल तक सीमित नहीं है। इसमें आगामी शिक्षा सत्र के बोर्ड परीक्षा परिणामों के लिए लक्ष्य तय किए जाएंगे। सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूलों के छात्र नीट और जेईई जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करें। इसके लिए एक खास रणनीति तैयार की जा रही है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर मार्गदर्शन मिल सके। बैठक में प्रवेश प्रक्रिया और छात्रों की अंग्रेजी भाषा में पकड़ मजबूत करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।

नवाचार और स्मार्ट क्लास के उपयोग पर जोर

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए मंत्री गजेंद्र यादव स्कूलों के वातावरण को और बेहतर बनाने पर बात करेंगे। सरकारी स्कूलों में मौजूद स्मार्ट क्लास और पुस्तकालयों का अधिकतम उपयोग कैसे हो, इस पर प्राचार्यों से सुझाव मांगे जाएंगे। इसके साथ ही नवाचार गतिविधियों और सह-शैक्षणिक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए भी योजना बनाई जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों में केवल पढ़ाई ही नहीं बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके।

अधिकारियों और अभिभावकों की भूमिका तय होगी

शिक्षा मंत्री की इस बैठक में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में पैरेंट-टीचर एसोसिएशन (PTA) की भूमिका और पालक-अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी मंथन होगा। शासन का मानना है कि अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी के बिना शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना संभव नहीं है। कल होने वाली इस चर्चा के बाद छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा में कई बुनियादी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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