छत्तीसगढ़ में अब 200 यूनिट तक ‘बिजली-बिल हाफ’, 42 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए ‘बिजली-बिल हाफ’ योजना की सीमा को 100 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि यह नई योजना 1 दिसंबर से लागू होगी। इस योजना के तहत 400 यूनिट प्रतिमाह तक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक हाफ बिजली का लाभ मिलेगा। इससे राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 42 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा।

200 यूनिट का बिल अब ₹800-900 की जगह ₹420-435 होगा

‘बिजली-बिल हाफ’ योजना की सीमा 200 यूनिट होने से उपभोक्ताओं को सीधी आर्थिक राहत मिलेगी। उदाहरण के तौर पर, जो परिवार हर महीने 200 यूनिट बिजली खर्च करता है, उसका औसत बिल अभी लगभग 840 से 870 रुपए के बीच आता है। नई योजना लागू होने के बाद इस बिल पर सीधी हाफ स्कीम लागू होगी, जिससे उपभोक्ता को लगभग ₹420 से ₹435 की सीधी बचत होगी। यानी 200 यूनिट खपत पर अब बिल ₹420 से ₹435 तक ही आएगा।

पिछली सरकार में 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया गया था

इस योजना के इतिहास पर नजर डालें तो भूपेश सरकार ने 1 मार्च 2019 को ‘हाफ बिजली बिल योजना’ शुरू की थी, जिसमें 400 यूनिट या उससे कम खपत पर आधा बिल आता था। हालांकि, 4 महीने पहले यानी 1 अगस्त 2025 को सरकार ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए 400 यूनिट की सीमा को घटाकर 100 यूनिट कर दिया था। इस कटौती का सीधा असर लाखों परिवारों पर पड़ा था और उनका बिजली बिल लगभग दोगुना हो गया था।

योजना की कटौती पर कांग्रेस ने जताया था विरोध

योजना की सीमा में कटौती के बाद कांग्रेस और विपक्षी दलों ने लगातार विरोध जताया था। कई जिलों में उपभोक्ताओं ने बढ़े हुए बिलों के खिलाफ प्रदर्शन भी किए थे। छोटे परिवारों और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं पर इसका आर्थिक असर साफ दिख रहा था। सरकार के भीतर भी यह महसूस किया गया कि सीमित खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत देना जरूरी है, जिसके बाद सीमा को 200 यूनिट करने की दिशा में कदम बढ़ाए गए।

योजना के स्वरूप और लाभ की नई व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत 400 यूनिट तक खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक हाफ बिल का लाभ मिलेगा। इसका मतलब है कि पहले 100 यूनिट पूरी तरह मुफ्त होंगे, और 101 से 200 यूनिट तक के लिए हाफ बिल लगेगा। 201 यूनिट से ऊपर की खपत पर कोई छूट नहीं मिलेगी और उपभोक्ता को तय दरों के हिसाब से ही पूरा भुगतान करना होगा।

विभाग पर बढ़ेगा सैकड़ों करोड़ रुपए का अतिरिक्त सब्सिडी भार

सरकार द्वारा 200 यूनिट तक ‘हाफ बिजली बिल योजना’ को लागू करते ही राज्य सरकार पर सैकड़ों करोड़ रुपए का अतिरिक्त सब्सिडी भार बढ़ेगा। हालांकि, जानकारों का मानना है कि इस योजना से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ रहा दबाव कम होगा और बिजली बिलों का भुगतान भी नियमित रूप से हो सकेगा।

सीएम बोले- रूफटॉप सोलर की मांग बढ़ी

हाफ बिजली बिल योजना का ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह भी बताया कि राज्य में रूफटॉप सोलर की मांग तेजी से बढ़ी है। अब तक 1 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं और 12,000 से ज्यादा सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर उपभोक्ता को सस्ती और सुचारु रूप से बिजली मिले।

सोलर प्लांट में समय लगने के कारण दिसंबर से नई योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलर प्लांट स्थापना में समय लगने के कारण सरकार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए दिसंबर से नई योजना शुरू करने जा रही है। सरकार की इस पहल से घरेलू उपभोक्ताओं को तत्काल राहत मिलेगी, जबकि सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने का काम लगातार जारी रहेगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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