
BNSS Section 106: स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले, छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक ऐसी कार्रवाई की है, जिसने सबको चौंका दिया। ईतवारी बाजार के एमसीपी प्वाइंट पर जब रुटीन वाहन चेकिंग चल रही थी, तब एक काली स्कॉर्पियो (MH-12 WZ-0696) को रोका गया।स्कॉर्पियो में दो युवक बैठे थे — पारस पटेल और अक्षय पटेल, दोनों गुजरात के रहने वाले। शुरू में सब कुछ सामान्य लगा, लेकिन पुलिस की पैनी नजर ने इनके हावभाव में कुछ गड़बड़ पकड़ ली।
स्कॉर्पियो से निकले नोटों से भरे थैले
Law enforcement action: जैसे ही शक गहराया, पुलिस ने गवाह बुलाए, कैमरे ऑन किए और गाड़ी की तलाशी ली। सीटों के नीचे बने सीक्रेट चेम्बर से जैसे ही तलाशी शुरू हुई, पुलिसवालों की आंखें फटी की फटी रह गईं। थैले पर थैले बाहर निकलते गए, और सबके अंदर भरे थे नोटों के बंडल। गिनती पूरी हुई तो रकम निकली — ₹4,04,50,000। यानी पूरे चार करोड़ से भी ऊपर!
कोई दस्तावेज नहीं, पुलिस ने जब्त की गाड़ी और रकम
Income Tax Department: इतनी बड़ी रकम के साथ कोई वैध दस्तावेज मौजूद नहीं था। लिहाजा, पुलिस ने BNSS की धारा 106 के तहत नकदी और वाहन जब्त कर लिया। साथ ही, दोनों युवकों को भी हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ जारी है।

अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट करेगा जांच
मामला जितना बड़ा था, उतना ही सेंसिटिव भी। इसलिए पुलिस ने पूरा केस आयकर विभाग को सौंप दिया है। अब जांच इस दिशा में आगे बढ़ेगी कि इतनी बड़ी रकम आई कहां से, और जा कहां रही थी।

किसी बड़े नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है मामला
पुलिस के सूत्र बता रहे हैं कि ये मामला सिर्फ दो युवकों तक सीमित नहीं है। इसमें किसी बड़े नेटवर्क की बू आ रही है। किसका पैसा है, क्यों ले जाया जा रहा था, किसके कहने पर — इन सवालों के जवाब अब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल पुलिस और इनकम टैक्स टीम दोनों एक्टिव मोड में हैं। और राजधानी से लेकर खैरागढ़ तक, सबकी नजर इस पर टिकी है कि ये करोड़ों की कहानी आखिर किसकी है और किसके लिए थी।



