
बिलासपुर में सरदार वल्लभ भाई पटेल के एकता के संदेश को जनता तक पहुँचाने के लिए बीजेपी द्वारा आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ के दौरान पार्टी नेताओं के बीच सार्वजनिक विवाद देखने को मिला। मार्च के दौरान बीजेपी विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे आपस में जमकर भिड़ गए, जिससे एकता रैली के उद्देश्य पर ही सवाल खड़े हो गए। यह पूरा विवाद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के साथ फर्स्ट लाइन में चलने को लेकर हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
केंद्रीय मंत्री के साथ पहली कतार में चलने को लेकर नोकझोंक
विवाद तब शुरू हुआ जब तिफरा से यात्रा निकल रही थी। बीजेपी प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के बगल में पहली कतार में खड़ी हो गईं और साथ चलने लगीं। इससे विधायक सुशांत शुक्ला को पहली कतार में जगह नहीं मिली और वह तोखन साहू के पीछे दूसरी कतार में चलने लगे। कुछ दूर चलने के बाद, जब विधायक शुक्ला ने फिर से मंत्री साहू के बगल में आने की कोशिश की, तो बीजेपी प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे भड़क गईं और दोनों के बीच सरेराह विवाद शुरू हो गया।
दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी नोंक-झोंक
केंद्रीय मंत्री के साथ पहली कतार में चलने की होड़ में विधायक सुशांत शुक्ला और प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडे के बीच जमकर नोंक-झोंक हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को देख लेने की बात कहते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की, जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पार्टी के इस सार्वजनिक टकराव ने बीजेपी के भीतर की खींचतान को सबके सामने ला दिया।
तोखन साहू और कौशिक ने किया बीच-बचाव
नेताओं के बीच विवाद को बढ़ता देख मौके पर मौजूद केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और वरिष्ठ विधायक धरमलाल कौशिक को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव किया और दोनों नेताओं को शांत कराया, जिसके बाद विवाद थमा। हालांकि, इस घटना ने बीजेपी के अनुशासन और एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
देखिये वीडियो-
सियासी तौर पर मामला पकड़ सकता है तूल
पार्टी की एकता रैली में ही दो प्रमुख नेताओं के बीच सरेराह हुआ यह विवाद अब सियासी तौर पर तूल पकड़ सकता है। इस घटना ने बिलासपुर बीजेपी में टकराव की स्थिति को सामने ला दिया है, और यह मामला आने वाले समय में पार्टी की आंतरिक राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है, जिससे विरोधी दलों को भी निशाना साधने का मौका मिल गया है।



