
धमतरी जिले की जनपद पंचायत मगरलोड में सरकारी धन की हेराफेरी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। यहां पदस्थ डाटा एंट्री ऑपरेटर धर्मेंद्र साहू ने दफ्तर से 6 सरकारी चेक चोरी किए और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के फर्जी दस्तखत कर लाखों रुपए अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए। आरोपी ने बेहद शातिर तरीके से कुल 8 लाख 52 हजार 795 रुपए की सरकारी राशि का गबन किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब बैंक रिकॉर्ड और सरकारी खातों के मिलान में गड़बड़ी पाई गई।
ऑनलाइन गेमिंग ऐप में उड़ाई गबन की गई राशि
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ऑपरेटर धर्मेंद्र साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि उसने जाली दस्तखत और RTGS के माध्यम से पैसे अपने स्टेट बैंक और एक्सिस बैंक के खातों में डाले थे। चौंकाने वाली बात यह है कि गबन की गई इस भारी-भरकम राशि को आरोपी ने “LM एप्लीकेशन” नामक ऑनलाइन गेमिंग ऐप में हार दिया। पुलिस ने आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है जिसका इस्तेमाल वह सट्टा खेलने और पैसों के लेनदेन के लिए करता था।
बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों से खुला राज
जनपद पंचायत की CEO दिव्या ठाकुर की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरू की, तो बैंक ऑफ बड़ौदा की भैंसमुंडी और मेघा शाखा से अहम सुराग मिले। बैंक स्टेटमेंट से पता चला कि 1 जुलाई 2025 से 3 जनवरी 2026 के बीच आरोपी के खातों में सरकारी फंड से किस्तों में पैसे भेजे गए थे। पुलिस ने बैंक को दिए गए उन पत्रों को भी बरामद किया है जिनमें फर्जी हस्ताक्षर के जरिए पैसे ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए थे। इन तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ शिकंजा कसता गया।

पुलिस ने भेजा जेल, कड़े एक्शन की तैयारी
मगरलोड पुलिस ने आरोपी धर्मेंद्र साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। धमतरी पुलिस ने साफ कर दिया है कि सरकारी खजाने के साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। फिलहाल विभाग यह भी जांच कर रहा है कि इस घोटाले में दफ्तर के किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की संलिप्तता तो नहीं है।



