CG Yuktiyuktkaran Viral Letter: युक्तियुक्तकरण पर रमन सिंह का पत्र वायरल, पोस्टिंग संशोधन को लेकर गरमाई सियासत

CG Yuktiyuktkaran Viral Letter: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदस्थापना को लेकर जारी विवाद में अब राजनीति भी ज़ोर पकड़ रही है।
युक्तियुक्तकरण से परेशान शिक्षकों की परेशानियां अभी खत्म नहीं हुई थीं कि अब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का एक पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया है, जिसमें उन्होंने तीन शिक्षकों की पोस्टिंग में संशोधन की मांग की है। पत्र सामने आते ही सियासी पारा चढ़ गया है।

400 किलोमीटर दूर ट्रांसफर, अब राजनीति की एंट्री!

Raman Singh Yuktiyuktkaran Viral Letter: युक्तियुक्तकरण के नाम पर कई शिक्षकों को उनके गृह जिले से 100 से 400 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर दिया गया है।
कई मामलों में शिक्षक कोर्ट और राजनीतिक संपर्कों के सहारे अपनी पोस्टिंग बचाने की जद्दोजहद में लगे हैं।
इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा शिक्षा सचिव को लिखा गया एक पत्र सामने आया है, जिसमें उन्होंने तीन शिक्षकों की पदस्थापना में संशोधन की सिफारिश की है।

किन शिक्षकों की हुई सिफारिश?

डॉ. रमन सिंह ने जिन तीन शिक्षकों की पुनः पदस्थापना के लिए पत्र लिखा है, वे हैं:

  • गायत्री मिश्रा (विज्ञान शिक्षक) – शासकीय माध्यमिक शाला रापाखेड़ा, मनेंद्रगढ़
  • संजीव कुमार चतुर्वेदी (व्याख्याता) – शासकीय हाईस्कूल, सोमनी विकासखंड पाटन
  • भानु प्रताप यदु (सहायक शिक्षक) – शासकीय प्राथमिक शाला पीपरछेड़ी, विकासखंड छुरा

पत्र में इन शिक्षकों की पोस्टिंग में संशोधन की बात कही गई है।

कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा का पलटवार

CG Teacher Rationalization Update: पत्र वायरल होते ही कांग्रेस ने इसे लेकर हमला बोल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सवाल किया कि अगर विधानसभा अध्यक्ष खुद सीधे अधिकारियों को पत्र लिखकर आदेशों में संशोधन की मांग करेंगे, तो यह संवैधानिक संकट की ओर इशारा करता है।

वहीं कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि

“विधानसभा अध्यक्ष एक संवैधानिक पद पर हैं, उन्हें राज्य की व्यवस्थाओं को लेकर सरकार और अधिकारियों को अवगत कराने का अधिकार है। कांग्रेस जबरदस्ती राजनीति कर रही है।”

शिक्षक परेशान, सिस्टम पर उठे सवाल

Teachers Rationalisation: इधर शिक्षक वर्ग में असंतोष बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, और कई बार शिक्षकों की निजी परिस्थितियों को नज़रअंदाज कर दिया जाता है।
अब जब राजनीतिक सिफारिशों से ट्रांसफर आदेशों में बदलाव हो रहा है, तो सिस्टम की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शिक्षक अगर पोस्टिंग के लिए कोर्ट और नेताओं के चक्कर लगाएंगे, तो कक्षा में पढ़ाई कौन करेगा?
युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य व्यवस्था सुधारना था, लेकिन फिलहाल यह खुद एक बड़ी अव्यवस्था में तब्दील होता दिख रहा है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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