Dhamtari Gangrel Dam Mock Drill: धमतरी के गंगरेल बांध में नाव पलटने की खबर से हड़कंप, मिनटों में हुआ रेस्क्यू, बरगी हादसे के बाद प्रशासन सख्त

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित प्रसिद्ध गंगरेल बांध में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब पानी के बीचों-बीच एक नाव पलटने की सूचना मिली। हालांकि, यह वास्तव में कोई दुर्घटना नहीं बल्कि जिला प्रशासन द्वारा आयोजित एक ‘मॉकड्रिल’ थी। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के मार्गदर्शन में ‘ऑपरेशन जल रक्षा’ के तहत यह अभ्यास किया गया ताकि आपातकालीन स्थितियों में रेस्क्यू टीमों की मुस्तैदी को परखा जा सके। सूचना मिलते ही होमगार्ड, पुलिस और मेडिकल टीमें सक्रिय हुईं और पानी में गिरे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया।

‘ऑपरेशन जल रक्षा’ के जरिए रेस्क्यू टीमों की परीक्षा

प्रशासन ने इस अभ्यास के लिए एक काल्पनिक स्थिति तैयार की थी जिसमें नाव बीच धार में पलट गई थी। जैसे ही कंट्रोल रूम को खबर मिली, मोटर बोट के साथ रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं। पानी से निकाले गए पीड़ितों को तुरंत किनारे पर बने मेडिकल कैंप में ले जाया गया। इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच तालमेल को बेहतर करना और यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी वास्तविक संकट के समय कम से कम समय में सहायता पहुंचाई जा सके।

सुरक्षा मानकों पर कलेक्टर की सख्ती, लाइफ जैकेट अनिवार्य

मॉकड्रिल का जायजा लेने के बाद कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पर्यटन केंद्रों पर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने नाव संचालकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक पर्यटक के लिए लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य होगा और क्षमता से अधिक सवारी बैठाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले 1 मई को प्रशासनिक टीम ने बांध के सभी बोटिंग पॉइंट्स का निरीक्षण किया था। इस दौरान नावों की फिटनेस, इमरजेंसी किट और लाइफ ब्वॉय जैसे जरूरी उपकरणों की गहनता से जांच की गई थी।

बरगी डैम हादसे के बाद बढ़ी सतर्कता, अब तक 11 मौतें

धमतरी प्रशासन की यह मुस्तैदी पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए बरगी डैम हादसे के बाद आई है। बरगी डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी। हादसे के 48 घंटे बाद रेस्क्यू टीम को दो और बच्चों के शव मिले हैं, जिससे इस दर्दनाक घटना में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 11 तक पहुंच गई है। मृतकों में 6 साल के दो बच्चे और एक 4 साल का मासूम भी शामिल है। इस बड़े हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है, जिसके चलते अब देश के अन्य प्रमुख जलाशयों में सुरक्षा ऑडिट तेज कर दिया गया है।

पर्यटन और सुरक्षा के बीच तालमेल की कोशिश

गंगरेल बांध छत्तीसगढ़ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है जहां रोजाना सैकड़ों लोग बोटिंग का आनंद लेते हैं। प्रशासन की इस सक्रियता का मकसद पर्यटकों को सुरक्षित माहौल देना है ताकि वे बिना किसी डर के सैर-सपाटा कर सकें। मॉकड्रिल के दौरान राजस्व, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के अभ्यास समय-समय पर जारी रहेंगे ताकि सुरक्षा तंत्र हमेशा अलर्ट मोड पर रहे और बरगी जैसी किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

Also Read: Gangrel Dam Water Ambulance Service Dhamtari: गंगरेल बांध के टापू पर मजदूर के ऊपर गिरा सांप: वाटर एंबुलेंस बनी देवदूत, डूबान क्षेत्र के 7 गांवों के लिए वरदान साबित हो रही सेवा

दक्षिण कोसल का Whatsapp Group ज्वाइन करे

Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

Related Articles

Back to top button