स्कूल में हड़कंप: मध्याह्न भोजन खाने के बाद बिगड़ी बच्चों की तबीयत, आत्मानंद स्कूल के दर्जन भर छात्र अस्पताल में भर्ती

जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ स्थित स्वामी आत्मानंद स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद बच्चों की सेहत अचानक खराब हो गई। गुरुवार को स्कूल में परोसा गया खाना खाने के कुछ ही देर बाद करीब 20 बच्चों ने पेट दर्द, गैस और उल्टी होने की शिकायत की। देखते ही देखते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी और स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई। स्कूल प्रबंधन ने बिना देरी किए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस घटना की जानकारी दी।

एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए 12 बच्चे

सूचना मिलते ही डॉक्टरों की टीम एम्बुलेंस के साथ स्कूल पहुंची। प्राथमिक जांच के बाद जिन 12 बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर दिखी, उन्हें तुरंत पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। शेष बच्चों को स्कूल में ही प्राथमिक उपचार दिया गया और उनकी निगरानी की जा रही है। राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने फिलहाल सभी बच्चों की स्थिति खतरे से बाहर और स्थिर बताई है।

दाल में पत्ता गोभी और अचार पर गहराया संदेह

स्कूल में कुल 237 छात्र पंजीकृत हैं लेकिन उस दिन 127 बच्चों ने ही खाना खाया था। सभी बच्चों की तबीयत खराब न होने से यह आशंका जताई जा रही है कि भोजन के किसी खास हिस्से में गड़बड़ी थी। शुरुआती जांच में पता चला कि तय मेन्यू के उलट दाल में पत्ता गोभी मिलाई गई थी। इसके साथ ही बच्चों को दिए गए अचार में फफूंद होने का संदेह भी जताया जा रहा है। इन्हीं चीजों के सेवन से बच्चों को फूड पॉइजनिंग होने की आशंका है।

फूड इंस्पेक्टर ने जब्त किए खाने के नमूने

घटना की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम स्कूल पहुंच गई है। फूड इंस्पेक्टर ने मध्याह्न भोजन के नमूने और विशेष रूप से अचार के जार को जांच के लिए सील कर दिया है। इन सैंपल्स को लैब भेजा गया है ताकि बीमारी की असली वजह का पता चल सके। खंड शिक्षा अधिकारी ने भी अस्पताल पहुंचकर बच्चों का हाल जाना और स्कूल प्रबंधन से पूरी रिपोर्ट तलब की है।

प्रशासन को भेजी गई लापरवाही की रिपोर्ट

इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंप दी है। रिपोर्ट में मेन्यू के पालन में हुई अनदेखी और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले रसोइयों या एजेंसी पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। फिलहाल पूरा प्रशासन बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है और स्कूल में साफ-सफाई के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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