
Kurud Liquor Close: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र में जून 2026 में होने जा रहे नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत उप-चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं. 1 जून 2026 को होने वाले मतदान और मतगणना को पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए धमतरी के कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अबिनाश मिश्रा ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है. इस प्रशासनिक फैसले के तहत चुनावी इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज रात से ही शराब की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
नगर पालिक परिषद कुरुद और ग्राम पंचायत घर्रा में पाबंदी, मतगणना पूरी होने तक दुकानें रहेंगी बंद
Gram Panchayat Election: कलेक्टर द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के मुताबिक, नगर पालिक परिषद कुरुद और ग्राम पंचायत घर्रा के पूरे क्षेत्र को इस अवधि के लिए पूरी तरह से ‘नो-लिकर जोन’ घोषित कर दिया गया है. इलाके में शराब की दुकानें बंद रखने का यह फैसला मतदान और मतगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी तरह के हुड़दंग को रोकने के लिए लिया गया है. प्रशासन का यह आदेश आज रात से प्रभावी होकर 1 जून को होने वाली मतगणना के पूरी तरह संपन्न होने तक लगातार लागू रहेगा.
आबकारी कानून के तहत लिया गया फैसला, मतदान से 48 घंटे पहले लागू हुए कड़े नियम
धमतरी जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24 की उप-धारा (1) में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए इस ‘शुष्क दिवस’ की घोषणा की है. तय नियमों के मुताबिक, 1 जून को होने वाले मतदान के ठीक 48 घंटे पूर्व यानी 30 मई और 31 मई 2026 को भी कुरुद क्षेत्र में चुनावी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शराब की दुकानें और संबंधित प्रतिष्ठान पूरी तरह से बंद रखे जाएंगे. इस दौरान स्थानीय स्तर पर पुलिस और आबकारी विभाग की टीमें गश्त करेंगी ताकि शराब का कोई अवैध भंडारण न किया जा सके.
नियमों का उल्लंघन करने वालों को प्रशासन की दोटूक चेतावनी, सीधे जेल भेजने के निर्देश
जिला दण्डाधिकारी ने आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश दिए हैं. कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस शुष्क दिवस की अवधि में कोई भी व्यक्ति अवैध रूप से शराब बेचते, उसका भंडारण करते या एक जगह से दूसरी जगह परिवहन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत बेहद सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा.



