
रायपुर: Agri Stack Portal Registration: छत्तीसगढ़ में किसानों के पंजीयन को लेकर एग्री स्टैक पोर्टल फिर सवालों के घेरे में है। तकनीकी दिक्कतों और खसरा नंबर की गड़बड़ी से लाखों किसान परेशान हैं। धान खरीदी से पहले पंजीयन की रफ्तार धीमी होने के चलते सरकार और विभागीय अमला दबाव में है।
पंजीयन की धीमी रफ्तार
प्रदेश में अब तक 13 लाख 73 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। इनमें से 13 लाख 15 हजार से अधिक किसानों का नाम एग्री स्टैक पोर्टल पर दर्ज हुआ है। लेकिन अब भी 57 हजार से ज्यादा किसान ऐसे हैं जिनका नाम पोर्टल पर उपलब्ध ही नहीं है।
खसरा मेल न खाने की बड़ी समस्या
पोर्टल पर पंजीयन करा चुके लगभग 3.5 लाख किसानों का खसरा रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहा है। ऐसे किसानों को अब दस्तावेजों की जांच और सुधार की लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है। विभागीय कर्मचारियों को भी गांव-गांव जाकर इस गड़बड़ी को दुरुस्त करने में दिक्कतें आ रही हैं।
जिलेवार स्थिति
- बालोद, बेमेतरा और बलौदाबाजार में एक-एक लाख से अधिक किसानों का पंजीयन हो चुका है, लेकिन इनमें भी हजारों खसरे गलत पाए गए।
- जांजगीर-चांपा में 74,172 किसानों ने पंजीयन कराया, जिनमें से 30 हजार से ज्यादा का खसरा मेल नहीं खा रहा है।
- अन्य जिलों में भी यही समस्या देखने को मिल रही है।
पिछले साल की तुलना
साल 2024-25 में 25.49 लाख किसानों ने धान का समर्थन मूल्य पर विक्रय किया था। इस बार अब तक केवल आधे किसान ही पंजीयन करा पाए हैं। विभाग का दावा है कि अक्टूबर तक आंकड़े में सुधार होगा और ज्यादा किसान जुड़ जाएंगे।
किसानों की बढ़ी परेशानी
तकनीकी खामी और खसरा मेल न खाने की वजह से किसानों को समय और दस्तावेज दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं। विभाग का कहना है कि यह आंकड़ा रोज बदल रहा है और उम्मीद है कि जल्द समस्या पर काबू पाया जाएगा।



