
रायपुर:CG Weather Update Today: छत्तीसगढ़ में मौसम ने फिर करवट ली है। कुछ दिनों की बारिश के बाद अब प्रदेश के कई हिस्सों में चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर से राहत देने वाली भविष्यवाणी की है। लेकिन फिलहाल बस्तर इलाके में मानसून की रफ्तार थम गई है और तापमान में बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है।
मानसून की एंट्री के बाद लगा ब्रेक
इस साल मानसून ने तय समय से पहले छत्तीसगढ़ में दस्तक दी थी। शुरुआती दौर में अच्छी बारिश देखने को मिली, लेकिन अब मानसूनी गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों तक प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों—खासकर सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं, बाकी हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने के आसार हैं।
हवा के सिस्टम में बदलाव, कमजोर पड़ी मानसूनी हवाएं
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ 55 डिग्री पूर्व में सक्रिय है, जिससे हवा के पैटर्न में बदलाव हुआ है। इसके चलते अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गई हैं। अगले चार से पांच दिन तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
तापमान में उछाल, उमस बनी रहेगी
प्रदेश के कई जिलों में दिन के तापमान में तेजी से इजाफा हो रहा है। बीते 24 घंटों में सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 23.4 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने चेताया है कि आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
राजधानी रायपुर का हाल
रायपुर में आज का मौसम भी तपिश भरा रहा। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर के बाद आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं और कुछ हिस्सों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। आज राजधानी का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।
किन जिलों में बरसेंगे बदरा?
मौसम विभाग ने रायपुर, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा समेत कई जिलों में अगले पांच दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं, शाम के वक्त हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इससे लोगों को तपती गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है।
सिनॉप्टिक सिस्टम की स्थिति
- मॉनसून की उत्तरी सीमा अभी मुंबई, अहिल्यानगर, आदिलाबाद, भवानीपटना, पुरी, सैंडहेड द्वीप और बालुरघाट से होकर गुजर रही है।
- उत्तरी कर्नाटक और तेलंगाना के आस-पास ऊपरी हवा का चक्रवात 3.1 किमी की ऊंचाई पर स्थित है।
- उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो 1.5 किमी तक फैला हुआ है।
क्या कहना है मौसम विभाग का?
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल मानसून की सक्रियता में कमी आई है, लेकिन अगले कुछ दिनों में हालात बदल सकते हैं। तब तक प्रदेश को गर्मी और उमस झेलने के लिए तैयार रहना होगा।
छत्तीसगढ़ में मानसून फिलहाल सुस्त पड़ा है, और गर्मी ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। हालांकि मौसम विभाग ने कुछ जिलों में राहत देने वाली बारिश की संभावना जताई है, लेकिन तापमान में 2 से 4 डिग्री तक की संभावित बढ़ोतरी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। ऐसे में गर्मी से बचने के लिए एहतियात बरतना जरूरी है।



