
छत्तीसगढ़ स्टेट GST विभाग ने कैटरिंग कारोबार में चल रहे टैक्स चोरी के सिंडिकेट पर बड़ी कार्रवाई की है। विभाग को लंबे समय से इनपुट मिल रहा था कि बड़े समारोहों में कैटरिंग का काम लाखों रुपये में किया जा रहा है, लेकिन रिटर्न में बहुत कम टर्नओवर दिखाया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और रायगढ़ के नामी कैटरर्स के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि संचालक एक थाली का रेट ग्राहकों से 1000 से 3000 रुपये तक वसूल रहे थे, जबकि सरकारी कागजों में इसे मात्र 300 से 500 रुपये ही दर्ज किया गया था। इस भारी अंतर के जरिए सरकार को मिलने वाले टैक्स को चपत लगाई जा रही थी।
रायपुर से रायगढ़ तक कार्रवाई की जद में बड़े नाम: मोबाइल और डायरियों से खुलेगा कच्चा चिट्ठा
रेड के दौरान रायपुर के चर्चित संस्कार कैटरर्स और रॉयल कैटरर्स समेत कई फर्मों के रिकॉर्ड खंगाले गए। संस्कार कैटरर्स के यहां जांच में पता चला कि जिस शादी के लिए 30 से 35 लाख रुपये लिए गए, उसे कागजों में मात्र डेढ़ से दो लाख रुपये का दिखाया गया। विभाग ने संचालक लोकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन और श्रीजी कैटरर्स की गुप्त डायरी जब्त कर ली है। इसके अलावा दुर्ग के जलाराम कैटरर्स, बिलासपुर के प्रतीक कैटरर्स और रायगढ़ के अजय कैटरर्स के यहां भी अधिकारियों ने डेरा डाला हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्यों और डायरियों के मिलान के बाद टैक्स चोरी का आंकड़ा करोड़ों में जा सकता है। फिलहाल विभाग की कार्रवाई जारी है और कई अन्य संदिग्ध कैटरर्स भी रडार पर हैं।



