VIDEO: बस्तर में भूकंप के झटके, देर रात दहशत में घरों से बाहर निकले लोग, CCTV कैमरों में कैद हुई जमीन की हलचल

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में बीती रात धरती डोलने से हड़कंप मच गया। जगदलपुर सहित आसपास के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। रात के सन्नाटे में अचानक जमीन हिलने से लोग घबरा गए और आनन-फानन में अपने घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन झटकों से अब तक किसी भी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। बस्तर जैसे शांत इलाके में भूकंप की इस घटना ने स्थानीय निवासियों के साथ-साथ विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है।

रात 11:31 बजे डोली धरती: रिक्टर स्केल पर 4.4 रही तीव्रता

नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप के यह झटके रात करीब 11 बजकर 31 मिनट पर महसूस किए गए। जांच में पता चला है कि इस भूकंप का मुख्य केंद्र पड़ोसी राज्य ओडिशा का कोरापुट जिला था। जमीन के अंदर करीब 5 किलोमीटर की गहराई पर हलचल होने के कारण झटके काफी तेज थे। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.4 मापी गई है। कोरापुट से सटे होने के कारण जगदलपुर और बस्तर के अन्य सीमावर्ती इलाकों में इसका सीधा असर देखने को मिला।

दहशत का माहौल: सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई जमीन की हलचल

जब भूकंप आया, उस वक्त अधिकतर लोग सोने की तैयारी में थे या सो चुके थे। अचानक पंखे, बर्तन और खिड़कियों के हिलने की आवाज से लोगों की नींद खुल गई। कई जगहों पर सीसीटीवी कैमरों में घर के सामान और सोफे हिलते हुए साफ नजर आए हैं। लोग डर के मारे खाली मैदानों और सड़कों पर जमा हो गए। हालांकि झटके कुछ ही सेकंड के थे, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से लोग काफी देर तक घर के अंदर जाने से कतराते रहे। बस्तर के इतिहास में इस तरह की हलचल कम ही देखने को मिलती है।

सुरक्षित जोन में हलचल: भू-वैज्ञानिकों के लिए चिंता का विषय

भू-गर्भीय दृष्टिकोण से बस्तर के पथरीले इलाके को भूकंप के लिहाज से काफी सुरक्षित माना जाता है। यही वजह है कि यहां के लोग इस प्राकृतिक घटना से खासे अचंभित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोरापुट केंद्र होने की वजह से बस्तर में इसके झटके महसूस होना स्वाभाविक है, लेकिन इतनी तीव्रता का भूकंप आना शोध का विषय है। वैज्ञानिक अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या जमीन के भीतर कोई नई फॉल्ट लाइन सक्रिय हो रही है या यह महज एक सामान्य भू-गर्भीय गतिविधि थी।

सतर्क रहने की अपील: प्रशासन ने दी सावधानी बरतने की सलाह

भूकंप के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम अलर्ट मोड पर है। फिलहाल कहीं से भी जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है, फिर भी लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि दोबारा ऐसे झटके महसूस हों, तो घबराने के बजाय तुरंत खुले स्थान पर पहुंचें। जर्जर मकानों या पुरानी इमारतों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सोशल मीडिया पर भी भूकंप के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर पुलिस नजर बनाए हुए है ताकि कोई अफवाह न फैले।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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