
रायपुर: Raipur Drugs Case Update: छत्तीसगढ़ की राजधानी में सामने आए हाईप्रोफाइल ड्रग्स सिंडिकेट केस में आज बड़ी सुनवाई होने वाली है। नव्या मलिक और विधि अग्रवाल समेत 9 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क के संपर्क में करीब 850 रईसजादे थे, जिनमें कारोबारियों और नेताओं के बेटों के नाम भी शामिल हैं।

कोर्ट में होगी पेशी
Drugs Queen Navya Malik: 6 सितंबर को नव्या और विधि को दो दिन की रिमांड खत्म होने पर स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। इसके बाद उन्हें 15 सितंबर तक जेल भेजा गया था। अब तक इस केस में सोहेल खान, अयान परवेज, ऋषिराज टंडन, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा और मोनू विश्नोई समेत 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

पाकिस्तान से हेरोइन, दिल्ली से MDMA
Raipur Drugs Supply Case: पुलिस जांच में सामने आया कि पाकिस्तान से हेरोइन और दिल्ली से एमडीएमए (MDMA) रायपुर सप्लाई की जा रही थी। पंजाब निवासी लवजीत सिंह और रायपुर निवासी रुपिंदर उर्फ पिंदर सिंह से पूछताछ में कई खरीदारों की जानकारी मिली। वहीं नव्या मलिक ने अपने नेटवर्क और ग्राहकों के नाम उजागर किए हैं।

ड्रोन से बॉर्डर पार होती थी सप्लाई
पुलिस के मुताबिक पिंदर पाकिस्तान से ड्रग्स को ड्रोन के जरिए बॉर्डर पार कराता था। फिर उसके लड़के बॉर्डर से माल उठाकर ठिकानों तक पहुंचाते थे। वहां से ट्रकों के जरिए माल रायपुर और देश के अन्य शहरों में सप्लाई किया जाता था। छापेमारी बढ़ने के बाद तस्कर कभी दिल्ली तो कभी पंजाब के नाम पर हेरोइन बेचते थे।

600 ग्राहकों की जानकारी हाथ लगी
Raipur Drugs Case: पुलिस को पिंदर के सहयोगी सुवित श्रीवास्तव के अकाउंट से 600 से ज्यादा ग्राहकों का रिकॉर्ड मिला है। इन खातों को फ्रीज किया गया है। इसके अलावा सिंडिकेट के 17 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई आरोपी अब भी फरार हैं।

इंटीरियर डिजाइनर से ड्रग्स पैडलर बनी नव्या
30 साल की नव्या मलिक इंटीरियर डिजाइनर और फैशन डिजाइनिंग से जुड़ी रही है। फैशन शो और पार्टियों के दौरान वह ड्रग्स की लत में आई और फिर तस्करों के संपर्क में आकर खुद सप्लाई करने लगी। वह दिल्ली, मुंबई और पंजाब से माल मंगाकर रायपुर में क्लब, पब और फार्महाउस पार्टियों में बेचती थी।
शहर के कई बड़े परिवारों के नाम
नव्या ने पूछताछ में बताया कि शंकर नगर, पेंशनबाड़ा, समता कॉलोनी, राजेंद्र नगर, वीआईपी रोड और कटोरा तालाब जैसे इलाकों के कई रईसजादे ग्राहक थे। पुलिस ने उनकी सूची तैयार कर ली है।
इस तरह चलता था नशे का कारोबार
आरोपियों ने कबूल किया कि कारोबार वॉट्सऐप ग्रुप से शुरू होता था। बाद में सप्लाई केवल भरोसेमंद ग्राहकों तक सीमित कर दी गई। पैसे एडवांस लिए जाते और डिलीवरी क्लब, पब, आफ्टर पार्टी या होटल के कमरों में होती थी।
ड्रग्स के लिए इस्तेमाल होते थे कोड-वर्ड
- MDMA: केक, चॉकलेट
- नाइट्रो टेन कैप्सूल: नीला पत्ता / छोटा दाना
- 0.5 एमजी दवा: आधा चांद
- लालिमा वाली कफ सिरप: रेड लाइन
- अल्फाजोलम या स्पास्मो: जालिम
- गांजा: पैकेट, पचासा, सौव्वा
- स्मैक: पाउडर
- चरस: काला चिट्टा
- स्नेक बाइट: रीक्रिएशनल ड्रग
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