शिक्षकों के सामने नई चुनौती: SIR ड्यूटी के बीच अब 8 दिसंबर से 10 जनवरी तक ट्रेनिंग

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के सामने SIR विशेष गहन पुनरीक्षण ड्यूटी के बाद अब नवीन पाठ्यपुस्तकों पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण की नई चुनौती खड़ी हो गई है। शिक्षा सत्र के लगभग छह महीने बीत जाने के बाद, अब शिक्षकों को यह ऑफलाइन ट्रेनिंग लेनी होगी। डाइट (DIET) ने इसके लिए बाकायदा आदेश जारी कर दिया है, जिसके तहत 8 दिसंबर से 10 जनवरी तक प्राथमिक शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाना है। शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि SIR ड्यूटी, जिसके तहत उन्हें 11 दिसंबर तक गणना पत्रक एकत्रित कर ऑनलाइन अपलोड करने हैं, और छमाही परीक्षा की तैयारी के बीच वे इस अनिवार्य प्रशिक्षण को कैसे पूरा करें।

6863 शिक्षकों को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी

डाइट द्वारा जारी किए गए आदेश में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला मिशन समग्र शिक्षा को जिला स्तर पर प्रत्येक विकास खंड में प्रशिक्षण आयोजित करने की जिम्मेदारी दी गई है। जारी कैलेंडर के अनुसार, संभाग के कुल 6,863 प्राथमिक शिक्षकों को इसमें शामिल होना है। यह प्रशिक्षण सुबह 9:30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। शिक्षकों का कहना है कि जब से स्कूल खुले हैं, तब से लगातार किसी न किसी ट्रेनिंग या ड्यूटी के चलते बच्चों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

TET अनिवार्यता: ज्ञापन अभियान, 10 दिसंबर से होगी शुरुआत

शिक्षकों को मिलने वाले प्रशिक्षण में विषयवार कार्यक्रम तय किए गए हैं। कक्षा 1 से 3 और कक्षा 4 से 5 तक के शिक्षकों को पाँच-पाँच दिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। शुरुआती तीन दिन हिंदी, गणित की ट्रेनिंग होगी, जबकि चौथे दिन अंग्रेजी और पाँचवे दिन पर्यावरण, कला और योग पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षकों का कहना है कि स्कूलों में आधा पाठ्यक्रम (सिलेबस) पूरा हो चुका है या होने वाला है, ऐसे में अब इस ट्रेनिंग से बच्चों की अध्ययन प्रक्रिया प्रभावित होगी, खासकर दिसंबर में होने वाली छमाही परीक्षाओं की तैयारी पर असर पड़ेगा।

SIR ड्यूटी और ट्रेनिंग आदेश का टकराव

इस समय आधे से अधिक शिक्षकों की ड्यूटी SIR के तहत BLO के रूप में लगी हुई है। उन्हें घर-घर जाकर गणना पत्रक एकत्रित करने और उसे ऑनलाइन अपलोड करने का काम दिन-रात करना पड़ रहा है। ऐसे में एक साथ BLO ड्यूटी और नवीन पाठ्यपुस्तकों पर प्रशिक्षण के आदेश ने शिक्षकों के सामने गंभीर असमंजस की स्थिति खड़ी कर दी है। शिक्षकों को समझ नहीं आ रहा है कि वे पहले किस अनिवार्य सरकारी निर्देश का पालन करें।

प्रशिक्षण के लिए निर्धारित किया गया बजट

डाइट ने इस प्रशिक्षण को हर हाल में 10 जनवरी तक पूरा करने का निर्देश दिया है और इसके लिए शासन द्वारा बजट का प्रावधान भी किया गया है। प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रति व्यक्ति ₹50 रिफ्रेशमेंट और ₹50 स्टेशनरी पर खर्च करने का प्रावधान है। इसके अलावा, प्रशिक्षकों को प्रति व्यक्ति ₹150 मानदेय और जिला स्तर पर अकास्मिक व्यय के लिए ₹1,000 का बजट निर्धारित किया गया है।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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