
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आई है। कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में पिछले कुछ दिनों से हो रही मुर्गों की रहस्यमयी मौत की गुत्थी सुलझ गई है। भोपाल लैब भेजी गई जांच रिपोर्ट में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की पुष्टि हुई है। रिपोर्ट मिलते ही जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाते हुए पूरे इलाके को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है।
कोनी बना ‘हॉटस्पॉट’: एक किलोमीटर का दायरा संक्रमित घोषित
भोपाल से आई रिपोर्ट में वायरस की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म के एक किलोमीटर के दायरे को ‘इनफेक्टेड जोन’ (संक्रमित क्षेत्र) घोषित कर दिया है। इसके साथ ही अगले 10 किलोमीटर के इलाके को ‘सर्विलांस जोन’ यानी निगरानी क्षेत्र में रखा गया है। इन क्षेत्रों में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है और जगह-जगह चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाए जा रहे हैं ताकि आम जनता इस खतरे के प्रति सजग रह सके।
मुर्गों को मारने के आदेश: नष्ट किए जाएंगे अंडा और दाना
संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार की गाइडलाइन के अनुसार संक्रमित क्षेत्र के सभी पक्षियों को मारने (कलिंग) का फैसला लिया गया है। इसके लिए 9 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है जिसकी कमान डॉक्टर आरके गुप्ता को सौंपी गई है। केवल मुर्गे-मुर्गियां ही नहीं, बल्कि फार्म में मौजूद अंडा, दाना, खाली बोरियां और अन्य अपशिष्टों को भी जैव सुरक्षा नियमों के तहत पूरी तरह नष्ट किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरस के प्रसार को रोकने के लिए यह कठोर कदम उठाना बेहद जरूरी है।
कारोबार पर पाबंदी: चिकन और अंडों की बिक्री पर लगा ब्रेक
बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही पूरे सर्विलांस जोन में पोल्ट्री उत्पादों की खरीदी-बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। कलेक्टर ने पुलिस और परिवहन विभाग को निर्देश दिए हैं कि चेक पोस्ट बनाकर मुर्गों के परिवहन को पूरी तरह रोका जाए। शहर की चिकन और अंडे की दुकानों को बंद करवाया जा रहा है ताकि संक्रमित उत्पाद बाजार तक न पहुंच सकें। इसके साथ ही जिला स्तर पर 24 घंटे चलने वाले कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है जहां से स्थिति की पल-पल की निगरानी की जा रही है।
कर्मचारियों की सेहत पर नजर: घर-घर दी जाएगी बचाव की जानकारी
पोल्ट्री फार्म में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि फार्म में तैनात सभी कर्मियों का सैंपल लेकर उनकी जांच कराई जाए और उन्हें जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, आम जनता के बीच बर्ड फ्लू के लक्षणों और उससे बचाव के तरीकों का प्रचार-प्रसार करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। राजस्व और पंचायत विभाग के प्रतिनिधि गांवों में जाकर लोगों को मृत पक्षियों से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं।
रैपिड रिस्पांस टीम तैनात: निगरानी के लिए विभाग अलर्ट मोड पर
पशुधन विकास विभाग ने संक्रमण से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों (RRT) का गठन किया है। ये टीमें संक्रमित क्षेत्र में दवाओं के छिड़काव और वैज्ञानिक तरीके से पक्षियों के विनिष्टीकरण का काम संभालेंगी। कलेक्टर ने एसएसपी और डीएफओ को भी सतर्क रहने को कहा है ताकि जिले के अन्य क्षेत्रों में भी पक्षियों की असामान्य मौत पर तुरंत नजर रखी जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं बल्कि सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध स्थिति की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें।



