Raipur Suitcase Murder Case: रायपुर सूटकेस मर्डर केस की पूरी कहानी: वकील ही निकला हत्यारा, पैसों के लिए पत्नी संग की हत्या, हत्या की प्लानिंग जानकर उड़ जायेगा होश

Raipur Suitcase Murder Case: रायपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब इंद्रप्रस्थ इलाके में स्टील की पेटी में एक अज्ञात युवक की लाश मिली पुलिस को इसकी सूचनाक्ष ` मिलते ही तत्काल फारेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी सहित फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण कर स्टील की पेटी के अंदर सूटकेस में सीमेंट से दबाकर भारी मिली लाश को निकाल कर जांच शुरू की।

Suitcase Murder Case: प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की 05 अलग – अलग टीमों का गठन किया गया। टीम के सदस्यों द्वारा सर्वप्रथम घटना स्थल पर पहुंचकर घटना स्थल को सुरक्षित किया गया तथा सभी पहलुओं का बारिकी से निरीक्षण व जांच प्रारंभ करते हुये फॉरेंसिक टीम एवं डॉग स्क्वाड की मदद लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ करना प्रारंभ किया गया। घटना स्थल व उसके आसपास लगे सी.सी.टी.व्ही. कैमरों के फुटेजों को खंगालने के साथ ही प्रकरण में मुखबीर लगाया गया।

रायपुर पुलिस ने इस सूटकेस हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है जिसमें आरोपी दंपति ने मृतक किशोर की हत्या 21 जून को की थी। मृतक की लाश 48 घंटे तक अपने रूम में रखने के बाद लाश को ठिकाने लगाने के लिए मौका खोजते रहे आरोपी।

Raipur Murder Case: जब मृतक किशोर की लाश सड़ने लगी तो हड़बड़ी में उसे हत्यारों ने साक्ष्य छिपाने की नियत से शव के उपर सीमेंट डालकर ट्राली बैग व टिन की पेटी में डालकर सूनसान स्थान पर फेंके थे।

मृतक किशोर पैकरा पिता स्व. नारायण पैकरा उम्र 58 साल निवासी हाण्डीपारा एच एम टी चौक पास आजाद चौक रायपुर इसका पक्षकार था।

हत्या के पीछे की वजह

Suitcase Murder Raipur: मृतक किशोर पैकरा आजाद चौक स्थित अपने मकान को चंद्रप्रकाश कुर्रे निवासी बेलटुकरी खरोरा जिला रायपुर को वर्ष 2015-16 में 50 लाख रूपये में बिक्री कर दिया था, किंतु किशोर पैकरा द्वारा क्रेता को उक्त मकान का कब्जा न देकर न्यायालय में क्रेता के विरूद्ध आवेदन पत्र दिया था।

Indraprastha Colony Raipur: इस बात की जानकारी मृतक किशोर पैकरा द्वारा आरोपी अंकित उपाध्याय को देने पर आरोपी अंकित उपाध्याय द्वारा किशोर पैकरा को कहा गया कि वह हाईकोर्ट से उसके उक्त मकान को वापस दिला देगा और इसके एवज में आरोपी अंकित उपाध्याय अलग – अलग किश्तों में अलग – अलग कार्य के नाम से पैसा लेता था एवं मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रूपये में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था।

उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था। जिस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार – बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था। अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक द्वारा प्रतिदिन अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग – अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था। जिससे आरोपी अंकित उपाध्याय परेशान होकर उक्त सभी बातों को अपनी पत्नि शिवानी शर्मा को बताया गया और दोनों किशोर पैकरा की हत्या करने की योजना बनाये।

फर्जी आधार बनाकर धमतरी से खरीदी गाड़ी

Raipur Suitcase Dead Body: योजना के तहत् आरोपी अंकित उपाध्याय ने स्वयं डिजाईन कर अपना फर्जी आधार कार्ड बनाया जिसमें अपना पता कोरबा होना लेख किया। इसी फर्जी आधार कार्ड के आधार पर उसने धमतरी के बलियारा ग्राम निवासी एक व्यक्ति से पुरानी अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744 को 60,000/- रूपये में खरीदा। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से किशोर पैकरा की हत्या करने के लिये एक किराये का मकान इन्द्रप्रस्थ कालोनी में दिनांक 19.06.25 को लिया। दिनांक 21.06.25 को सुबह अंकित उपाध्याय अपने घर सत्यम विहार रायपुरा से अल्टो कार से किशोर पैकरा के घर हाण्डीपारा आजाद चौक गया तथा किशोर पैकरा को झूठ बोलकर कि तुम्हारे घर की सफाई कराना है तब तक तुम मेरे किराये के मकान में इन्द्रप्रस्थ कालोनी में रहना कहकर अपने साथ कार में बैठाकर इन्द्रप्रस्थ कालोनी स्थित रूम नंबर डी/321 किराये के मकान में ले गया थोड़ी देर बाद उसकी पत्नि शिवानी शर्मा भी वहां दोपहिया वाहन से आयी।

मृतक किशोर पैकरा के बजरंग नगर के मकान को 30 लाख रूपये में अन्य व्यक्ति को बिक्री कर दिया था। उक्त बिक्री रकम को आरोपी अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा से लेकर अपने निजी कार्य में उपयोग कर लिया था। जिस पर किशोर पैकरा अपने पैसा को बार – बार आरोपी अंकित उपाध्याय से मांगता था।

अंकित उपाध्याय मृतक किशोर पैकरा को अपने झांसे में लेकर मैं तुम्हारा देखभाल करूंगा और रोज खाना खिलाउंगा कहा, फिर भी मृतक द्वारा प्रतिदिन अंकित उपाध्याय से पैसों की मांग कर उसे ताना मारने के साथ ही अलग – अलग जगह से खाना खाने की मांग करता था। जिससे आरोपी अंकित उपाध्याय परेशान होकर उक्त सभी बातों को अपनी पत्नि शिवानी शर्मा को बताया गया और दोनों किशोर पैकरा की हत्या करने की योजना बनाये।

मनपसंद जगहों से अंकित को मंगवाते रहे खाने-पीने की चीज

जिस तरह सामने निकाल कर आया कि किशोर अपाहिज था इसके पीछे का कारण यह है कि किशोर कुछ महीने पहले साइकिल से एक्सीडेंट हो गए थे इसके बाद उनका चलना फिरना बिल्कुल बंद हो चुका था वह अकेले घर में रहते थे उसने अंकित से मदद मांगी और अंकित उसके हंदीपाड़ा के घर में टिफिन और पानी की बोतल छोड़ने आया जाया करता था किशोर जानता था कि अंकित पैसे नहीं लौटने वाला है और इसी वजह से वह उसकी सेवा कर रहा है।

इसके बाद किशोर पर अलग-अलग दुकानों अलग-अलग रेस्टोरेंटों से अपने मनपसंद खान की चीज मंगवाने लगा वह हर दिन अंकित को मिनरल वाटर लाने को कहता और इधर उधर अलग-अलग जगह में भेज कर उन्हें मनपसंद खाने के सामान मंगवाता और फिर पैसों के लिए बोलता इसी बात से परेशान होकर अंकित ने किशोर की हत्या का प्लान करने लगा।

पत्नी ने किया मर्डर में मदद

अंकित लगातार किशोर के लिए खाना लाने से और पैसा मांगने से परेशान होकर यह बात अपनी पत्नी शिवानी शर्मा को बताया और उसका हत्या करने की बात कही हत्या की प्लानिंग सुनकर शिवानी ने पहले मना कर दिया फिर बार-बार अंकित के मनाने पर और सक्सेसफुल हत्या की प्लानिंग सुनकर अंकित की पत्नी भी हत्या करने को तैयार हो गई।

दोनों ने रूम नंबर डी/321 के मकान मालिक छोटे खान निवासी करबलापारा आजाद चौक रायपुर के मकान में कुछ सामान लेकर फ्लैट में शिफ्ट हो गए।

21 जून को हत्या 23 जून को लाश को लगाया ठिकाने

हत्या के मुख्य आरोपी अंकित ने किशोर को कहा कि वह उनके पुराने घर में साफ सफाई करवा रहा है यह बोलकर किशोर पैकरा को अपने फ्लैट में ले आया और वहां उसे नहलाकर पोहा खिलाए नाश्ता करने के बाद किशोर को नींद आई इसी दौरान अंकित ने किशोर का गला दबाया फिर गले को दोनों हाथों से मरोड़ा इसी दौरान अंकित की पत्नी शिवानी मृतक का पैर पकड़ी हुई थी एक्सीडेंट में किशोर का पैर में चोट के कारण वह शारीरिक रूप से कमजोर हो चुका था किशोर ज्यादा विरोध नहीं कर पाया और उसकी मौत हो गई इसके बाद अंकित ने उसके गले पर चाकू से भी वार किया।

लाश में से खून निकलने पर खरीदी पेटी

आरोपियों की प्लानिंग थी कि मर्डर के बाद किशोर के लाश को सूटकेस में भरकर ठिकाने लगा देंगे लेकिन किशोर का गला में चाकू से वार से खून ज्यादा फैलने लगा और सूटकेस भी पूरी तरह खून से सन चुका था अब फ्लैट के नीचे उतरना बहुत मुश्किल था फिर दोनों पति-पत्नी ने लाश को फ्लैट में ही छोड़कर अगले दिन पेटी खरीदने गोल बाजार पहुंचे।

पेटी खरीद कर फ्लैट में वापस लौटने पर लाश से तेज बदबू आने लगी जिसके बाद दोनों ने लाश को बांधकर सूटकेस में डाला और सीमेंट भर कर उसे जाम कर दिया जिससे लाश से बदबू आना तो रुक गया लेकिन सूटकेस से भरा लाश सीमेंट के कारण बहुत वजन हो गया और सूटकेस को फिर पेटी में डाल दिया गया जिसेसे पेटी का भार अधिक हो गया।

लाश को ठिकाने लगाने दो लड़कों ने किये मदद

पेटी के वजन होने के बाद अंकित ने अपने पहचान के दो लड़के विनय यादव और सूर्यकांत यदु से संपर्क किया दोनों लड़कों को हत्या की पूरी बात बताई और भरोसा दिलाया कि उन्हें केवल पेटी नीचे उतरना है और लाश ठिकाने लगानी है उन्हें कुछ नहीं होगा।
दोनों लड़के मान गए और फिर उनकी मदद से पेटी को लिफ्ट से नीचे उतरकर कर में रखा गया इसके बाद इंद्रप्रस्थ के पीछे झाड़ियां में लाश से भरी पेटी को फेंक दिया गया। लाश से अधिक बदबू आने के कारण वह यह काम आनंद फानंद में दिन में ही किया।

आरोपी अंकित उपाध्याय, सूर्यकांत यदु एवं विनय यदु तीनों मिलकर शव रखें पेटी को लिफ्ट के माध्यम से नीचे लाये तथा शिवानी शर्मा सीढ़ी से नीचे आयी फिर चारों मिलकर पेटी जिसमें शव रखा था को अल्टो कार क्रमांक सी जी 04 बी 7744 की डिक्की में रखें और शव को ठिकाने लगाने हेतु घटना स्थल पर ले जाकर पेटी को नीचे उतारकर छोड़कर चले गये। उसके बाद अंकित उपाध्याय और विनय यदु अल्टो कार को कुशालपुर पुरानी बस्ती के एक गैरेज में डेन्टिंग-पेन्टिंग हेतु छोड़ दिये, शिवानी शर्मा ईथर वाहन और सूर्यकांत यदु ज्वॉय इलेक्ट्रिक वाहन को लेकर घर सत्यम विहार चले गये।

पुलिस ने सभी आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस घटना के बाद पति-पत्नी ने एयरपोर्ट रायपुर पहुंचकर फ्लाइट की टिकट बुक की फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए वे दोनों लाश ठिकाना लगाने के बाद दिल्ली में किराया के घर लेने का प्लान करके रायपुर छत्तीसगढ़ से फरार हो गए इधर लाश मिलने के बाद पूरे रायपुर में हड़कंप मच गया और पुलिस ने जांच शुरू की और प्रथम दृष्ट्या में यह मामला हत्या नजर आया।

पुलिस ने झाड़ियों से पटी को निकाल कर देखा तो पेटी के ऊपर में हब्बू भाई लिखा हुआ था इस हब्बू भाई ने ही पूरे मर्डर मिस्ट्री का पोल खोल दिया।

पुलिस ने रायपुर में स्टील की पेटी बनाने वाले इलाके गोल बाजार पहुंचे वहां पहुंचकर इस पेटी के बारे में जानकारी लिया गया और जानकारी मिलते ही वहां के व्यापारियों से पूछताछ की पूछताछ में पता चला कि दो दंपति पेटी खरीदने आए हुए थे पास में लगे सीसीटीवी कैमरे को जब चेक किया गया तो उन दोनों दंपत्ति को स्कूटी से पेटी खरीदने आए हुए देखा गया।

सीसीटीवी की मदद से उन दोनों पति पत्नियों की तलाश शुरू हुई और पाया गया कि वे दोनों एक फ्लैट में किराए से रहने आए हुए हैं, उन्होंने फ्लैट का किराया ऑनलाइन पेमेंट किए थे, इसी से पता चला कि मर्डर करने वाले पति पत्नी कौन है और जांच के बाद उनके फ्लैट के सीसीटीवी का फुटेज देखा गया जिसमें साफ नजर आ रहा था कि दो युवक लाश से भारी पेटी को लिफ्ट से नीचे उतारकर उसे इंद्रप्रस्थ कॉलोनी के पीछे झाड़ियों में फेंकने के लिए ले जा रहे हैं।

फिर कॉलोनी में वहां के प्रत्यक्षदर्शियों से पूछा गया फ्लैट में पुलिस पहुंची और मकान मालिक से संपर्क किया गया अंकित ने 6 हजार 500 रुपए किराए देकर फ्लैट में रहना चालू किया था और यही ऑनलाइन फ्लैट का किराया देना उनके मर्डर के प्लानिंग का एक पुख्ता सुराग पुलिस को मिला।

इस मामले में पुलिस ने पति-पत्नी दोनों दिनांक 23.06.25 को रात्रि लगभग 09ः40 बजे की दिल्ली की फ्लाईट क्रमांक 6सी5347 से दिल्ली फरार हो गये और दिल्ली एयरपोर्ट में फ्लाईट के रनवे पर उतरते ही आरोपियों को किया गया गिरफ्तार। और पेटी उतरने वाले दो युवकों को रायपुर से गिरफ्तार किया है आरोपियों के विरूद्ध थाना डी.डी.नगर में अपराध क्रमांक 255/25 धारा 103(1), 238क, 61(2), 3(5) बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया है, पुलिस अब सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड में लेकर घटना स्थल पर भी जाएगी आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार, 02 नग दोपहिया वाहन तथा 05 नग मोबाईल फोन जप्त किया गया है।

पुलिस विभाग के नियम के मुताबिक जहां स्क्रीन रिक्रिएशन करवाया जाएगा उन सभी आरोपियों से पूछा जाएगा कि किस तरीके से उन्होंने इस हत्या को अंजाम दिया और इस पूरे रिक्रिएशन का वीडियोग्राफी कर पुलिस इसकी जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करेगी। आरोपियों को चिन्हांकित कर गिरफ्तार करने में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना डी.डी.नगर पुलिस की रहीं अहम् भूमिंका।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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