
CG Tourists Himachal Pradesh Chamba Road Accident: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा सड़क हादसा सामने आया है। यहां बर्फीले और ऊंचे पर्वतीय रास्ते साच पास की ओर जा रही पर्यटकों से भरी एक एर्टिगा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में कार चालक सहित कुल आठ लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में छत्तीसगढ़ के रहने वाले दो अलग-अलग परिवारों के सात सदस्य शामिल हैं, जो गर्मियों की छुट्टियां बिताने के लिए पहाड़ी राज्य की वादियों में घूमने आए थे। पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद यह साफ हो गया है कि इस भयावह हादसे में कार सवार किसी भी व्यक्ति की जान नहीं बचाई जा सकी।
चुराह उपमंडल के दुर्गम मार्ग पर आधी रात को हुआ हादसा, अनियंत्रित होकर खाई में समाई एर्टिगा
पुलिस से प्राप्त प्राथमिक जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक हादसा चुराह उपमंडल के अंतर्गत आने वाले बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर 29 मई की आधी रात को हुआ। छत्तीसगढ़ के ये पर्यटक एक स्थानीय ट्रैवल एजेंसी की एर्टिगा कार (पंजीकरण संख्या एचपी-01सी-2133) में सवार होकर साच पास के दर्शनीय स्थलों का दीदार करने निकले थे। पहाड़ी रास्ते के तीखे मोड़ और रात के घने अंधेरे के कारण वाहन अचानक असंतुलित हो गया और सीधे कई सौ फीट नीचे गहरी पथरीली खाई में जा गिरा। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए।
डलहौजी के होटल में की थी बुकिंग, देर रात तक वापस न लौटने पर प्रबंधन ने पुलिस को दी सूचना
हादसे का शिकार हुए छत्तीसगढ़ के दोनों परिवार चंबा जिले के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल डलहौजी के एक स्थानीय होटल में ठहरे हुए थे। वे 29 मई की सुबह साइट सीन (घूमने) के लिए होटल से निकले थे और उनकी योजना शाम तक वापस अपनी बुकिंग वाले कमरों में लौटने की थी। जब आधी रात बीत जाने के बाद भी पर्यटक होटल वापस नहीं आए और उनके मोबाइल फोन भी लगातार आउट ऑफ कवरेज क्षेत्र बताने लगे, तो होटल प्रबंधन को किसी अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद होटल संचालक ने तुरंत डलहौजी पुलिस थाने पहुंचकर मामले की औपचारिक सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की।
दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू टीम को आ रही मुश्किलें, मलबे तक पहुंचने में लगा समय
हादसे की सटीक लोकेशन का पता चलने के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर रवाना हो गई। हालांकि दुर्घटनास्थल का इलाका भौगोलिक रूप से बेहद दुर्गम और सीधी खड़ी पहाड़ियों वाला क्षेत्र है। खाई इतनी गहरी और संकरी है कि वहां तक पैदल पहुंचना रेस्क्यू टीम के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रहा है। अत्यधिक गहराई के कारण सुरक्षा कर्मियों को कार के मलबे तक पहुंचने और शवों को बाहर निकालने के लिए रस्सियों और विशेष उपकरणों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मृतकों में छत्तीसगढ़ के दो बच्चे और महिलाएं शामिल, स्थानीय ड्राइवर की भी गई जान
इस दुखद हादसे में जान गंवाने वाले सभी यात्रियों की शिनाख्त कर ली गई है। मृतकों में छत्तीसगढ़ निवासी अरविंद, उनकी पत्नी प्राची और उनके दो मासूम बेटे दर्श व अपशद शामिल हैं। इसके साथ ही दूसरे परिवार के पी. जी. कार्तिगहेयन, उनकी पत्नी मणिमाला और उनका बेटा नंदन भी इस दुर्घटना का शिकार हो गए। इन सात पर्यटकों के अलावा वाहन चला रहे स्थानीय चालक विश्वास की भी मौके पर ही मौत हो गई है। ड्राइवर विश्वास चंबा जिले के ही डलहौजी क्षेत्र का स्थानीय निवासी था और लंबे समय से इस मार्ग पर गाड़ियां चला रहा था।
चंबा के एसपी विजय सकलानी खुद पहुंचे घटना स्थल, राहत और खोज अभियान की कर रहे निगरानी
चंबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय सकलानी ने रविवार को मीडिया को इस हादसे की आधिकारिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैसे ही होटल प्रबंधन की तरफ से पर्यटकों के लापता होने की शिकायत मिली थी, पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई थी। तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर क्षतिग्रस्त कार को खाई में ढूंढ निकाला गया। एसपी ने बताया कि इलाका बेहद खतरनाक है, इसलिए वे खुद राहत एवं खोज अभियान की सीधे निगरानी करने के लिए घटना स्थल पर मौजूद हैं। पुलिस ने सभी मृतकों के परिजनों को छत्तीसगढ़ में इस दुखद घटना की सूचना दे दी है।
चंबा जिले में महीने भर के भीतर दूसरा बड़ा हादसा, 10 मई को गुजरात के 6 पर्यटकों ने गंवाई थी जान
पहाड़ी रास्तों पर तेज रफ्तार और मौसम का मिजाज पर्यटकों के लिए लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। चंबा जिले में इसी महीने पर्यटकों से जुड़ा यह दूसरा बड़ा और दर्दनाक सड़क हादसा है। इससे पहले बीते 10 मई की रात को जिले के भटियात उपमंडल के ककीरा-लाहड़ू मार्ग पर एक ऐसी ही दुर्घटना हुई थी। उस समय मनाली से डलहौजी जा रही गुजरात के पर्यटकों से भरी एक इनोवा गाड़ी तेज बारिश के बीच अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें छह पर्यटकों की मौके पर ही मौत हो गई थी और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले पर्यटकों के लिए प्रशासन की सलाह, रात के समय यात्रा से बचने की अपील
इस लगातार होते हादसों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों के लिए एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि मैदानी इलाकों के मुकाबले पहाड़ों पर ड्राइविंग की परिस्थितियां पूरी तरह अलग और चुनौतीपूर्ण होती हैं। साच पास और रोहतांग जैसे ऊंचे दर्रों पर अक्सर शाम के बाद विजिबिलिटी कम हो जाती है और बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलने लगती हैं। इसलिए पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे रात के समय पहाड़ी रास्तों पर सफर करने से पूरी तरह बचें और केवल अनुभवी स्थानीय चालकों के साथ ही यात्रा करें।



