
भिलाई: दुर्ग जिले के जयंती स्टेडियम में चल रही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की हनुमंत कथा में देशभर से लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटे हैं। इस भारी भीड़ का फायदा उठाकर चोरी और चेन स्नेचिंग जैसी वारदातों को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे संदिग्धों पर पुलिस ने कड़ा शिकंजा कसा है। पिछले तीन दिनों के भीतर पुलिस ने 9 महिलाओं समेत कुल 20 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए लोगों के पास से कोई भी वैध पहचान पत्र या आधार कार्ड नहीं मिला है। पुलिस को शक है कि ये लोग गिरोह बनाकर कथा स्थल पर सक्रिय थे और मौका मिलते ही कीमती सामान पार करने की योजना बना रहे थे।

सिविल ड्रेस में तैनात रही पुलिस टीम: तीन राज्यों के 11 लोग ताजा कार्रवाई में पकड़े गए
दुर्ग पुलिस ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। कथा पंडाल और उसके आसपास सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। रविवार को हुई कार्रवाई में पुलिस ने मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तर प्रदेश से आए 11 नए संदिग्धों को दबोचा है। पूछताछ के दौरान जब ये लोग अपनी पहचान साबित करने में नाकाम रहे और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इन सभी के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए इस्तगासा तैयार किया गया और उन्हें न्यायालय में पेश किया गया है।

चोरी और चेन स्नेचिंग रोकने के लिए विशेष दस्ता: अंतिम दिन सुरक्षा और कड़ी
25 दिसंबर से शुरू हुई इस पांच दिवसीय कथा का आज यानी 29 दिसंबर को अंतिम दिन है। समापन समारोह में उमड़ने वाली रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गश्त बढ़ा दी है। चेन स्नेचिंग और पॉकेटमारी रोकने के लिए एक अलग टीम गठित की गई है जो लगातार पेट्रोलिंग कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को हिरासत में लेने से पहले उसे कुछ घंटों तक वॉच किया जाता है। शक पुख्ता होने पर ही उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पहले दिन भी 9 संदिग्ध महिलाओं को इसी तरह पकड़ा गया था।

पकड़े गए लोगों की सूची जारी: बाहरी राज्यों से आए लोगों पर विशेष नजर
हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान अकी रुइया, रहीस्ता बाई, देवरिया, परमाल सिंह, आलमगीर, भावना, करू जमीदार, टिंकू केवट, श्रवण कुमार, सुनील कुमार और आशु के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये सभी लोग बाहरी राज्यों से आए हैं और इनके पास कथा में शामिल होने का कोई वैध पास या पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इनका कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। कथा के अंतिम दिन किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्टेडियम के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग और सघन कर दी गई है।



