
बिलासपुर: Bilaspur News: जिले के मंगला धुरीपारा स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में टीकाकरण के बाद 2 महीने की मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की एनएचएम कर्मी विभा बंजारे ने बच्ची को एक ही बार में लगातार 4 टीके लगा दिए। इसके बाद बच्ची रातभर दर्द से तड़पती रही और अगले दिन दोपहर को उसकी मौत हो गई।
शव रखकर आंगनबाड़ी केंद्र में हंगामा
बच्ची की मौत से गुस्साए परिजन और मोहल्लेवासी शव को लेकर सीधे आंगनबाड़ी केंद्र पहुंच गए। यहां उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि टीकाकरण के बाद जब उन्होंने मदद के लिए फोन किया तो एनएचएम कर्मी ने कॉल तक रिसीव नहीं किया। इससे भीड़ का गुस्सा और भड़क गया।

कलेक्ट्रेट का घेराव, मुआवजे की मांग
आक्रोशित परिजन और स्थानीय लोग शव को ट्रैक्टर में रखकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और 6 लाख रुपए मुआवजे की मांग रखी। इस दौरान पूर्व पार्षद श्याम पटेल और बबली खान सहित कई जनप्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे और पीड़ित परिवार का समर्थन किया।
प्रशासन की देर से सक्रियता
हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार गरिमा सिंह मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया।
“रातभर तड़पती रही बच्ची”
परिजनों ने बताया कि टीका लगने के बाद बच्ची लगातार रोती रही और दर्द से छटपटाती रही। उन्होंने दवा और घरेलू उपायों से उसे शांत करने की कोशिश की, लेकिन हालत बिगड़ती चली गई। सुबह तक बच्ची की सांसें कमजोर हो गईं और दोपहर को उसने दम तोड़ दिया।
कटघरे में स्वास्थ्य विभाग
यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आखिर क्यों एक नवजात शिशु को एक साथ चार टीके लगाए गए? क्यों समय पर स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे? परिजनों ने साफ कहा है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और मुआवजे की मांग पूरी नहीं की जाती, वे शांत नहीं बैठेंगे।



