
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में अवैध धान के भंडारण और हेराफेरी को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे के निर्देश पर बुधवार को राजस्व, खाद्य विभाग, मार्कफेड और कृषि उपज मंडी की संयुक्त टीम ने जिले के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले 14 बड़े व्यापारियों के गोदामों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई हलचल से बिचौलियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
2467 क्विंटल धान जब्त और मंडी एक्ट के तहत केस
जांच दल ने अलग-अलग विकासखंडों में औचक निरीक्षण कर कुल 2467 क्विंटल अवैध धान बरामद किया है। जब्त किए गए स्टॉक को मंडी अधिनियम के प्रावधानों के तहत सरकारी कब्जे में ले लिया गया है। सारंगढ़ ब्लॉक में राज ट्रेडर्स, लक्ष्मी भास्कर और राधाकृष्णन ट्रेडर्स जैसे बड़े ठिकानों पर कार्रवाई की गई। वहीं बरमकेला और बिलाईगढ़ क्षेत्रों में भी बड़ी मात्रा में बिना रिकॉर्ड वाला धान पाया गया। अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों के पास इस धान के स्रोत और स्टॉक रजिस्टर से जुड़े पुख्ता दस्तावेज मौजूद नहीं थे।
4600 से अधिक किसानों का रकबा समर्पण
अवैध धान खपाने की कोशिशों को रोकने के लिए प्रशासन ने गिरदावरी और रकबा मिलान का काम भी तेज कर दिया है। इसी कड़ी में जिले के 4622 किसानों का कुल 326 हेक्टेयर रकबा समर्पण कराया गया है। जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि धान खरीदी केंद्रों पर केवल वास्तविक किसानों का ही धान खरीदा जाए और बिचौलिए अपनी उपज खपाने के लिए किसानों के नाम का गलत इस्तेमाल न कर सकें। इसके लिए प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर कड़ाई से निगरानी रखी जा रही है।
बरमकेला और बिलाईगढ़ के ट्रेडर्स पर भी गिरी गाज
बरमकेला विकासखंड में गोपी अग्रवाल, रिद्धि सिद्धि ट्रेडिंग और चन्दन ट्रेडिंग सहित कई अन्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। अकेले चन्दन ट्रेडिंग से 400 क्विंटल और बिलाईगढ़ के मेसर्स रोहित देवांगन के यहां से 511 क्विंटल धान जब्त किया गया है। टीम ने भिखमपुरा, सरिया और भठली जैसे इलाकों में भी छोटे-बड़े व्यापारियों के स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण इलाकों में घर के भीतर छिपाकर रखे गए व्यवसायिक स्टॉक पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
बिचौलियों को रोकने के लिए जारी रहेगी निगरानी
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के दौरान किसी भी तरह की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और यदि कोई व्यापारी बिना लाइसेंस या सीमा से अधिक धान का भंडारण करते पाया जाता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। प्रशासन की इस सक्रियता से उन लोगों पर लगाम लगी है जो बाहरी धान को सहकारी समितियों में ऊंचे दाम पर बेचने की फिराक में रहते हैं।



