
धमतरी जिले के कुरूद विधानसभा से नशामुक्ति और अपराध नियंत्रण की एक अनोखी पहल शुरू की जा रही है। यहां 108 ग्राम पंचायतों के सरपंच मिलकर “मेरा गांव मेरा अभियान” की शुरुआत करेंगे। इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सरपंच संघ ने कलेक्टर से मुलाकात कर इस अभियान को आगे बढ़ाने की सहमति मांगी है।
गांव स्तर पर नशा मुक्ति आंदोलन
कुरूद क्षेत्र के सरपंच संघ ने कलेक्टर को आवेदन देकर बताया कि यह अभियान “मेरा गांव मेरा अभिमान” के रूप में चलेगा। इसके तहत हर पंचायत में जनजागरूकता रैली, शपथ ग्रहण, नुक्कड़ नाटक, दीवार लेखन और स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। उद्देश्य है कि युवाओं और स्कूली बच्चों को नशे से दूर किया जाए और गांवों को अपराध मुक्त वातावरण दिया जाए।
भाटागांव पंचायत की सरपंच पुष्पलता साहू ने कहा कि नशे के कारण गांवों में अपराध बढ़ रहे हैं और बच्चे इसकी गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांव में पहले ही नशा मुक्ति के लिए जनजागरण और पंचायत बैठकों के जरिए पहल की गई है, जिसका असर साफ नजर आ रहा है।

पंचायतों की सामूहिक जिम्मेदारी
सरपंच टिकेश कुमार साहू का कहना है कि अब स्थिति यह हो गई है कि गांव का हर वर्ग नशे की चपेट में है। ऐसे में पंचायत स्तर पर नशा मुक्ति की शुरुआत जरूरी है। उन्होंने शासन से गाइडलाइन जारी कर पंचायतों को सामूहिक रूप से जोड़ने की मांग की। सरपंच हरिशंकर साहू ने कहा कि पहले चरण में कुरूद ब्लॉक की पंचायतें इस अभियान से जुड़ेंगी और बाद में इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा।
नशा मुक्ति के साथ स्वच्छता अभियान भी
सिर्फ नशा मुक्ति ही नहीं, सरपंच संघ ने गांवों को स्वच्छ बनाने की योजना भी रखी है। इसके लिए महिला कमांडो और “ग्रीन आर्मी” की भूमिका तय की गई है। महिला शक्ति गांवों में कचरा प्रबंधन, सार्वजनिक स्थानों की सफाई और प्लास्टिक मुक्त अभियान पर काम करेगी। वहीं ग्रीन आर्मी के युवा पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देंगे। इस तरह हर पंचायत में स्वच्छ और हरित वातावरण तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का समर्थन
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने सरपंच संघ की इस पहल की तारीफ करते हुए कहा कि नशा आज समाज की बड़ी समस्या है और इसे रोकने के लिए यह अभियान कारगर हो सकता है। उन्होंने स्वच्छ ग्राम अभियान में भी सक्रिय भागीदारी की बात कही।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने सरपंचों से मुलाकात के बाद कहा कि यह प्रोजेक्ट बेहद उपयोगी है। प्रशासन इसकी रूपरेखा तैयार कर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसे आगे बढ़ाएगा।
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