घायल ऊंटनी को बचाने के लिए मदद मांगता रहा ऊंट, आंखों से बहते रहे आंसू धमतरी के समाजसेवियों ने किया अंतिम प्रयास

धमतरी: Injured Camel on Highway: राजा राव पठार के पास नेशनल हाईवे पर सोमवार को एक ऐसा मंजर सामने आया जिसे देखकर पत्थर दिल भी पिघल जाए। तेज रफ्तार से भागती ज़िंदगी के बीच एक जानवर इंसानों से ज़्यादा इंसानियत दिखा रहा था। सड़क किनारे गंभीर रूप से घायल पड़ी अपनी साथी ऊंटनी को बचाने के लिए ऊंट इधर-उधर दौड़ रहा था। वह कभी उसके पास आकर उसकी हालत देखता, तो कभी लोगों के सामने खड़ा होकर मदद की गुहार करता।

Camel Accident: जिस जगह हादसा हुआ, वहां कुछ देर को समय ठहर-सा गया। ऊंट की आंखों से आंसू बहते रहे। वो तड़पता रहा। लेकिन हाईवे पर दौड़ती गाड़ियों में से किसी ने रुककर उसकी बात नहीं समझी, उसकी साथी को बचाने की कोशिश नहीं की। इंसानी बस्तियों से दूर, जंगल के उस टुकड़े में एक जानवर ने उस दिन रिश्ते की गहराई का जो रूप दिखाया, उसने वहां मौजूद कुछ लोगों को भीतर तक झकझोर दिया।

हादसे के बाद तड़पती रही ऊंटनी, हर पल ढाल बनकर खड़ा रहा उसका साथी

Highway Animal Accident: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, किसी अज्ञात वाहन ने ऊंटनी को टक्कर मारी और वह बुरी तरह घायल होकर सड़क पर गिर गई। साथ चल रहा ऊंट एकदम घबरा गया, लेकिन उसने हार नहीं मानी। वह बार-बार गाड़ियों के सामने आता, आवाज़ें निकालता, कभी ऊंटनी को अपने शरीर से ढंकने की कोशिश करता तो कभी उसे उठाने के लिए गर्दन से धक्का देने लगता।

ऊंटनी की सांसें डूब रही थीं और ऊंट का हौसला टूटता नहीं दिख रहा था। वह सड़क पर बैठे-बैठे उसकी आंखों में झांकता रहा, शायद कोई चमत्कार हो जाए, शायद कोई मदद के लिए रुक जाए।

“मन नहीं माना… कार मोड़ी और लौटे वापस”

ग्राम दर्री निवासी समाजसेवी दयाराम साहू ने बताया कि वह अपने दोस्तों हेमराज और हिरेंद्र के साथ बस्तर रोड की ओर जा रहे थे। अचानक हाईवे के बीच में कोई बड़ा-सा ढांचा नजर आया, पास पहुंचे तो समझ आया कि वह एक ऊंट है।

“हमारी गाड़ी आगे बढ़ गई थी, लेकिन दिल में कुछ भारी-सा लगने लगा। कुछ टूटने जैसा। वापस लौटे तो जो देखा, वह भुला नहीं सकते। एक ऊंटनी सड़क पर पड़ी थी और ऊंट उसके चारों ओर घूम रहा था। लगता था जैसे कह रहा हो—कोई तो रुक जाओ, कोई तो मदद करो…” —दयाराम की आंखें उस वक्त भी भर आईं।

देर हो चुकी थी, लेकिन संवेदनाएं अब भी बाकी थीं

Viral Animal Story CG: दयाराम और उनके साथियों ने कुछ राहगीरों को रोका। कुछ युवकों ने पेड़ों की डालियां लाकर सड़क पर रखा, किसी ने कार की लाइट का रिफ्लेक्टर उतारा ताकि कोई और गाड़ी टकरा न जाए। मिलकर ऊंटनी को किनारे हटाने की कोशिश की गई।

लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। ऊंटनी ने दम तोड़ दिया था।

देखिये वीडियो-

ऊंट वहीं पास खड़ा रहा। वह न भागा, न किसी पर नाराज़ हुआ। बस उस इंसानी भीड़ को चुपचाप देखता रहा, जो अब आकर उसकी साथी को उठा रही थी। उसकी आंखों में अब भी नमी थी, लेकिन शरीर शांत था। जैसे वह सबकुछ समझ गया हो।

प्रशासन को दी गई सूचना, लेकिन सवाल रह गए पीछे

Camel Accident Viral Video: घटना की जानकारी वन विभाग और पुलिस को दी गई। संभव है कि ऊंटनी के मालिक तक सूचना पहुंचा दी गई हो। लेकिन इस हादसे ने एक गहरा सवाल छोड़ दिया—क्या वाकई हम इतने व्यस्त हो गए हैं कि एक तड़पती जानवर की पुकार भी नहीं सुन सकते?

“आज एक जानवर को अपनी साथी के लिए रोते, मदद मांगते देखा। उस दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। इंसान भले चुप रहे, लेकिन उस ऊंट की आंखें बहुत कुछ कह रही थीं।” —दयाराम साहू, समाजसेवी

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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