
Gariaband Susasan Tihar: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक बड़े हादसे की खबर सामने आई है, जहां विकासखंड स्तर पर आयोजित ‘सुशासन तिहार’ शिविर के दौरान एक पुराना और विशालकाय पीपल का पेड़ अचानक जड़ से उखड़कर गिर गया। पेड़ गिरने की इस अप्रत्याशित घटना से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोगों के बीच भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस हादसे में पेड़ की चपेट में आने से दो मासूम बच्चों सहित कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के वक्त जिले के कलेक्टर और तमाम प्रशासनिक अधिकारी शिविर में ही मौजूद थे, जिन्होंने मुस्तैदी दिखाते हुए राहत कार्य शुरू कराया।
कार्यक्रम देखने पेड़ पर चढ़े थे लोग, अचानक भरभराकर गिरा भारी-भरकम तना
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, खरहरी गांव में सरकारी योजनाओं के लाभ वितरण के लिए सुशासन तिहार शिविर का भव्य आयोजन किया गया था। मंच पर चल रहे कार्यक्रम और भीड़ को देखने के लिए कुछ स्थानीय ग्रामीण पास में मौजूद पीपल के पेड़ की डालियों पर चढ़कर बैठे हुए थे। इसी दौरान पेड़ का एक बड़ा हिस्सा अचानक वजन और कमजोरी के कारण भरभराकर नीचे आ गिरा। पेड़ गिरने से डालियों पर बैठे लोग सीधे जमीन पर आ गिरे, वहीं नीचे खड़े कुछ अन्य लोग भी इसके भारी-भरकम मलबे के नीचे दब गए, जिससे चीख-पुकार मच गई।

कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता, सुशासन तिहार कार्यक्रम को तत्काल किया स्थगित
हादसे के वक्त मंच पर मौजूद जिला कलेक्टर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को भांपते हुए संवेदनशीलता दिखाई। कलेक्टर ने बिना वक्त गंवाए लाउडस्पीकर से लोगों को शांत रहने की अपील की और सुशासन तिहार के शासकीय कार्यक्रम को तुरंत रोकने और स्थगित करने के निर्देश जारी कर दिए। प्रशासनिक अमले ने अपनी प्राथमिकता बदलते हुए पूरा ध्यान मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर लगा दिया। अधिकारियों ने खुद खड़े होकर स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पेड़ की भारी डालियों को हटवाया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
घायलों को पहुंचाया गया जिला अस्पताल, डॉक्टरों ने कहा- कुछ को फ्रैक्चर पर सभी सुरक्षित
घटनास्थल पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक वाहनों की मदद से सभी सात घायलों को तुरंत गरियाबंद जिला अस्पताल रवाना किया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की एक विशेष टीम को पहले से ही अलर्ट पर रखा गया था। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. हरीश चौहान ने घायलों की स्थिति पर जानकारी देते हुए बताया कि मलबे की चपेट में आने के कारण कुछ मरीजों के हाथ और पैर में फ्रैक्चर आया है, वहीं कुछ को अंदरूनी चोटें लगी हैं। राहत की बात यह है कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों की स्थिति नियंत्रण में है और कोई भी खतरे में नहीं है।

चपेट में आकर छोटा हाथी वाहन भी हुआ क्षतिग्रस्त, कारणों की जांच में जुटा प्रशासन
इस भीषण हादसे में केवल इंसानों को ही चोट नहीं आई, बल्कि पेड़ के ठीक नीचे खड़ा एक ‘छोटा हाथी’ (मालवाहक वाहन) भी पूरी तरह से पिचक गया। पेड़ का मुख्य तना सीधे गाड़ी के केबिन पर गिरने से वाहन कबाड़ में तब्दील हो गया है। हादसे के बाद गरियाबंद जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस की टीम इस बात की तकनीकी जांच कर रही है कि पेड़ अचानक क्यों गिरा। शुरुआती तौर पर पेड़ के पुराने होने और उसकी जड़ों के कमजोर होने की बात सामने आ रही है। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।



