
Cockroach Janta Party Jantar Mantar Protest NEET Scam: कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर चल रही सियासी चर्चाओं के बीच एक बड़ा मोड़ सामने आया है. अब तक इस राजनीतिक दल को लेकर माना जा रहा था कि इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चा बटोरना और लोगों का ध्यान खींचना है. कई राजनेता इसमें शामिल होने की इच्छा भी जता चुके थे, लेकिन अब लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे प्रसिद्ध भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है. वांगचुक ने स्पष्ट कहा है कि यदि देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे इस दल के साथ मिलकर सड़क पर उतरेंगे.
अटेंशन पाने के आरोपों के बीच मिला बड़ा साथ, सोनम वांगचुक ने जताई शामिल होने की इच्छा
सोशल मीडिया पर कॉकरोच जनता पार्टी की सक्रियता को देखकर शुरुआत में विश्लेषक इसे केवल एक ट्रेंडिंग टॉपिक मान रहे थे. आलोचकों का कहना था कि यह दल सिर्फ इंटरनेट पर सुर्खियां बटोरने के लिए बना है. लेकिन सोनम वांगचुक जैसे गंभीर और जमीनी स्तर पर काम करने वाले एक्टिविस्ट के जुड़ने से इस आंदोलन को एक नई गंभीरता मिल गई है. वांगचुक ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर हम इस समय आगे नहीं आएंगे तो कौन आएगा, और अगर अभी बदलाव की कोशिश नहीं की गई तो कब होगी. उन्होंने साफ किया कि 5 जून तक हालात न सुधरने पर वे 6 जून से कॉकरोच जनता पार्टी के साथ खड़े दिखाई देंगे.
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के लिए अल्टीमेटम, 5 जून तक मांगें पूरी न होने पर आंदोलन का ऐलान
सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से शिक्षा मंत्रालय के सामने अपनी शर्तें बेहद कड़े शब्दों में रख दी हैं. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटने के लिए 5 जून तक की समय सीमा दी है. वांगचुक का मानना है कि मौजूदा प्रशासनिक विसंगतियों को देखते हुए नेतृत्व में बदलाव बेहद जरूरी हो चुका है. यदि तय तारीख तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वांगचुक देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के तत्वावधान में आयोजित होने वाले विरोध प्रदर्शन को अपना पूरा समर्थन देंगे और खुद उसमें शिरकत करेंगे.
नीट परीक्षा के पेपर लीक और चरमराती शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा भी एजेंडे में शामिल
इस साझा आंदोलन के केंद्र में केवल राजनीतिक बदलाव नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय भी है. सोनम वांगचुक ने नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की घटना और देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था में फैली खामियों को अपनी मुख्य मांगों की सूची में शामिल किया है. उनका कहना है कि परीक्षाओं की शुचिता खत्म होने से योग्य छात्रों का मनोबल टूट रहा है. इसी वजह से वे कॉकरोच जनता पार्टी की वैचारिक मांगों और उनकी भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों के साथ अपनी सहमति जता रहे हैं.
फाउंडर अभिजीत दिपके से चर्चा के बाद बदला मन, नेक नीयत और देशप्रेम की भावना को सराहा
पार्टी को समर्थन देने के पीछे के कारणों का खुलासा करते हुए सोनम वांगचुक ने बताया कि उनकी बातचीत कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके से हुई है. इस संवाद के बाद वांगचुक के मन में पार्टी को लेकर बनी पुरानी धारणाएं पूरी तरह बदल गईं. उन्होंने कहा कि अभिजीत के साथ चर्चा करने के बाद उन्हें यह विश्वास हो गया है कि इस युवा नेता की सोच और नीयत में कोई खोट नहीं है. अभिजीत एक सच्चे देशभक्त की तरह देश की व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं और इसी वजह से वे उनके इस प्रयास में भागीदार बनने को तैयार हुए हैं.
अमेरिका से लौटकर सीधे पुलिस स्टेशन जाएंगे अभिजीत, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति लेने की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके इस आंदोलन की कमान संभालने के लिए विशेष रूप से अमेरिका से भारत लौट रहे हैं. भारत पहुंचते ही वे हवाई अड्डे से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे ताकि 6 जून को होने वाले प्रदर्शन के लिए प्रशासनिक और कानूनी अनुमति ली जा सके. इससे पहले अभिजीत ने 1 जून को जंतर-मंतर पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन करने की योजना साझा की थी. गौरतलब है कि अभिजीत अपने एक्स अकाउंट पर किसान आंदोलन, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर लगातार केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं.



