
Bastar Olympics: छत्तीसगढ़ के खेल और स्वास्थ्य क्षेत्र में बुधवार को बड़ी और अहम खबर सामने आई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की दिल्ली में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात ने राज्य को दो बड़ी सौगातें दिलाईं। पहली – बस्तर ओलंपिक को अब से राष्ट्रीय पहचान मिल गई है। इसे अब ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ के नाम से जाना जाएगा। और दूसरी – रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड वाले मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खुलने की तैयारी है।

बस्तर के खेल अब दिखेंगे देशभर में
बस्तर ओलंपिक यानी आदिवासी अंचल में हर साल होने वाले पारंपरिक खेल अब सिर्फ स्थानीय नहीं रहेंगे। केंद्र सरकार ने इसे ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ का दर्जा दे दिया है। इसका मतलब ये है कि अब इन खेलों को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी और छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी दिखाया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने इसे जनजातीय युवाओं के लिए एक “ऐतिहासिक मौका” बताया।

रायपुर और बिलासपुर में बनेगा हेल्थ एजुकेशन का नया हब
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से रायपुर और बिलासपुर में 220-बेड के मेडिकल और नर्सिंग कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी रखा, जिस पर मंत्री मांडविया ने जल्द मंजूरी का आश्वासन दिया है। इससे प्रदेश को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य शिक्षा, बेहतर इलाज की सुविधा और बड़ी संख्या में रोज़गार भी मिलेगा।

LNIPE की भी मांगी गई शाखा, स्टेडियम और ट्रेनिंग सेंटर की मांग
मुख्यमंत्री साय यहीं नहीं रुके। उन्होंने छत्तीसगढ़ में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (LNIPE) की एक शाखा खोलने की मांग भी रखी। साथ ही राज्य में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए नए स्टेडियम और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की जरूरत बताई। केंद्रीय मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।
मीटिंग में कौन-कौन था शामिल?
इस महत्वपूर्ण मुलाकात में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह और सचिव राहुल भगत भी मौजूद रहे।
यह बैठक न सिर्फ छत्तीसगढ़ की नीतिगत दिशा तय करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि राज्य अब खेल और स्वास्थ्य के मोर्चे पर राष्ट्रीय मंच की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है।
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