Dr. Khubchand Baghel Krishak Ratna Award 2025: डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2025 के लिए आवेदन शुरू, 31 जुलाई तक भर सकते हैं फॉर्म

महासमुंद: Dr. Khubchand Baghel Krishak Ratna Award 2025: छत्तीसगढ़ के मेहनती और नवाचारी किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। राज्य सरकार द्वारा हर साल दिए जाने वाला “डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार” अब 2025 के लिए भी खुल गया है। कृषि विभाग ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए आवेदन मंगवाए हैं, जिसकी अंतिम तारीख 31 जुलाई 2025 तय की गई है।

किसानों के नवाचार और मेहनत को मिलेगा सम्मान

Dr. Khubchand Baghel Krishak Ratna Award 2025: इस पुरस्कार का मकसद है – खेती-किसानी के क्षेत्र में कुछ हटकर करने वाले, उत्पादन बढ़ाने वाले और टिकाऊ तकनीकों को अपनाने वाले किसानों को पहचान और सम्मान देना। ये सम्मान उन किसानों के लिए है, जिन्होंने कृषि को सिर्फ मेहनत नहीं, एक स्मार्ट काम बनाकर दिखाया है।

यहां से लें फॉर्म, ऐसे करें आवेदन

जो किसान इस पुरस्कार के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे जिले के उप संचालक कृषि कार्यालय या विकासखंड स्तर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र मुफ्त में प्राप्त कर सकते हैं।

इसके अलावा, तकनीक में थोड़े आगे रहने वाले किसान सीधे कृषि विभाग की वेबसाइट www.agriportal.cg.nic.in से भी आवेदन पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।

आवेदन फार्म डाउनलोड करें- यहां क्लिक करें

31 जुलाई है आखिरी तारीख

पूरा और सही-सही भरा हुआ आवेदन पत्र 31 जुलाई 2025 तक संबंधित कार्यालयों में जमा करना जरूरी है। अगर कोई आवेदन इसके बाद जमा होता है, तो उस पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। इसलिए किसान भाई-बहन समय रहते फॉर्म भर दें और अपना दावा ठोक दें।

आपकी दी गई जानकारी के आधार पर नीचे “डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2025” के लाभ और योग्यता को लल्लनटॉप स्टाइल में, साफ और सरल भाषा में दोबारा लिखा गया है:

क्या है लाभ? क्या मिलेगा पुरस्कार में?

छत्तीसगढ़ के मेहनती और इनोवेटिव किसानों के लिए यह सिर्फ सम्मान नहीं, बल्कि उनके काम की असली पहचान है।
डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार 2025 के तहत:

  • 💰 2 लाख रुपये की नगद राशि
  • 🏆 राज्य स्तरीय प्रशस्ति पत्र
  • 🎤 राज्य सरकार के बड़े मंच पर सम्मान

कौन कर सकता है आवेदन? जानिए योग्यता

  1. छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए।
  2. कम से कम पिछले 10 वर्षों से राज्य में सक्रिय रूप से खेती कर रहे हों।
  3. कुल वार्षिक आमदनी का कम से कम 75% हिस्सा खेती से आता हो।
  4. किसान पर कोई बकाया नहीं होना चाहिए
    • तकाबी (भूमि का राजस्व)
    • सिंचाई शुल्क
    • सहकारी बैंकों का कालातीत (ओवरड्यू) कर्ज
  5. नवीन कृषि तकनीक अपनाई हो
    • जैसे: ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग, जैविक खेती, फसल विविधीकरण आदि।
  6. उत्पादकता बढ़ाने में प्रयास किए हों।
  7. किसान का चयन फसल विविधता, तकनीकी नवाचार और कुल उपलब्धियों के आधार पर किया जाएगा।

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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