
रायपुर 28-07-2025: Dress CodeControversy in CG Excise constable exam: छत्तीसगढ़ में रविवार, 27 जुलाई 2025 को आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा (ABA25) एक बड़े विवाद का कारण बन गई। राज्य के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर ड्रेस कोड के नाम पर सैकड़ों अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया। परीक्षा के दौरान कई छात्रों को काले कपड़े, कॉलरदार शर्ट, जूते, बेल्ट या दुपट्टे पहनने के आधार पर प्रवेश से वंचित कर दिया गया। इससे नाराज उम्मीदवारों ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए।
साड़ी पहनने पर महिला को परीक्षा से रोका, भावुक बयान ने सबको झकझोरा
Excise Constable Exam 2025: इस पूरी घटना में सबसे भावनात्मक मामला खैरागढ़ से सामने आया, जहां एक महिला अभ्यर्थी को केवल साड़ी पहनने के कारण परीक्षा देने से रोक दिया गया। महिला ने बताया कि वह अपने ससुराल में रहती है, जहाँ सलवार-सूट पहनने की अनुमति नहीं है। उसने छुप-छुप कर पढ़ाई की और परीक्षा देने आई थी, लेकिन ड्रेस कोड के नाम पर उसे बाहर कर दिया गया। उसने इसे सरासर अन्याय करार दिया। नीचे जाकर इस पूरी घटना का वीडियो देख सकते है।

समय से पहुंचे फिर भी गेट से लौटाया गया
Dress Code Controversy: कई अभ्यर्थियों ने दावा किया कि वे सुबह 9 बजे ही परीक्षा केंद्र पहुंच चुके थे, जबकि प्रवेश की अंतिम समय सीमा 10:30 बजे निर्धारित थी। फिर भी ड्रेस कोड उल्लंघन के नाम पर उन्हें गेट से लौटा दिया गया और कपड़े बदलने को कहा गया। जब वे कपड़े बदलकर लौटे, तब तक गेट बंद कर दिया गया था और प्रवेश नहीं दिया गया। कुछ महिला अभ्यर्थियों को दुपट्टा हटाने के लिए कहा गया, जबकि अन्य को काली टी-शर्ट या सलवार बदलने को कहा गया।
व्यापम एडमिट कार्ड में टाइमिंग में गड़बड़ी, बिना सूचना बदली एंट्री की समय-सीमा
CG Vyapam Admit Card: 26 और 27 जुलाई को जिन अभ्यर्थियों ने एडमिट कार्ड डाउनलोड किया, उनमें प्रवेश का समय सुबह 10:30 बजे लिखा था, जबकि इससे पहले डाउनलोड किए गए कार्ड में अंतिम समय 10:45 बजे दर्ज था। व्यापम ने इस बदलाव की न तो कोई आधिकारिक सूचना दी, न ही वेबसाइट या मैसेज के माध्यम से जानकारी साझा की। एडमिट कार्ड टाइमिंग में गड़बड़ी परीक्षा से परीक्षार्थी परेशान होते दिखे और केंद्रों पर अभ्यर्थियों को 10:30 के बाद गेट बंद होने की बात कहकर अंदर जाने से रोक दिया गया, जबकि उनके पास 10:45 का टाइम अंकित एडमिट कार्ड था। इस अव्यवस्था से कई छात्र बाहर ही रोते रह गए।
परीक्षा केंद्रों में अफरा-तफरी, कलेक्टर बंगले का घेराव
Student Protest: खैरागढ़ के कई परीक्षा केंद्रों जैसे पीएमश्री बख्शी स्कूल, विवेकानंद पब्लिक स्कूल, रानी रश्मिदेवी कॉलेज और डाइट खैरागढ़ में सबसे ज्यादा हंगामा हुआ। नाराज अभ्यर्थियों ने 11:30 बजे के आसपास कलेक्टर बंगले का घेराव किया। सिविल लाइन क्षेत्र में प्रदर्शन के कारण खैरागढ़-कवर्धा मुख्य मार्ग पर जाम लग गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू और डिप्टी कलेक्टर एवं परीक्षा नोडल अधिकारी रेणुका रात्रे ने अभ्यर्थियों से बातचीत कर ज्ञापन स्वीकार किया।

रायपुर, मनेंद्रगढ़, बिलासपुर में भी हंगामा
Exam Management: रायपुर के टाटीबंध स्थित आदर्श महाविद्यालय परीक्षा केंद्र में ड्रेस कोड को लेकर कई अभ्यर्थियों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया। एक छात्रा ने बताया कि उसे काले कपड़े पहनने के कारण रोका गया, और जब वह कपड़े बदलकर लौटी, तब तक प्रवेश का समय समाप्त हो गया था। इसी प्रकार मनेंद्रगढ़ में भी छात्रों को समय से पहले गेट बंद कर देने की शिकायत थी। कई परीक्षार्थियों ने विरोधस्वरूप अपने एडमिट कार्ड तक फाड़ दिए।
बनियान पहनकर दिए आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा, नियम का कड़ाई से पालन
Student Rights: छत्तीसगढ़ कॉलेज में तो महिला परीक्षार्थियों के लिए चेंजिंग रूम बनाया गया था। महिला परीक्षियों को टी-शर्ट की जगह कॉलेज में बंडल बांधने के लिए प्रयोग में आने वाला लट्ठे का कपड़ा काटकर कुर्ते की शक्ल दिया गया जिसे पहनकर महिला परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। कुछ पुरूष परीक्षाथियों को सफेद टी-शर्ट दिया गया। एकाद ने तो बनियान पहनकर परीक्षा दी। इस दौरान पयर्वेक्षकों के साथ महिला, और पुरूष परीक्षार्थियों की बहस भी हुई।

व्यापम द्वारा नियमों में बदलाव, लेकिन जानकारी का अभाव
CG Vyapam Exam: बताया जा रहा है कि हाल ही में PWD सब-इंजीनियर परीक्षा में हाईटेक नकल के मामले के बाद व्यापम ने सुरक्षा के लिहाज से नियमों में बदलाव किया था। इन नियमों के तहत अब परीक्षा में प्रवेश से पहले बेल्ट, कॉलर, जूते, काले कपड़े, दुपट्टा आदि हटवाए जा रहे हैं। हालांकि, छात्रों का कहना है कि इन्हें लेकर कोई स्पष्ट सूचना एडमिट कार्ड या वेबसाइट पर नहीं दी गई थी।
राजनीतिक संगठनों का विरोध, NSUI ने दी आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद विपक्षी दल कांग्रेस और छात्र संगठन एनएसयूआई ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। कांग्रेस नेता मनराखन देवांगन ने कहा कि भाजपा सरकार पहले बेरोजगारों से परीक्षा शुल्क वसूलती है और फिर मनमाने नियमों के जरिए उन्हें परीक्षा से वंचित करती है। वहीं, एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव हनी बग्गा ने चेतावनी दी कि अगर परीक्षा दोबारा नहीं कराई गई और वंचित अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिला, तो वे राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।
छात्रों की मांग: परीक्षा हो दोबारा, हो न्याय
वंचित अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजन किया जाए। उनका कहना है कि परीक्षा में पारदर्शिता और मानवीय दृष्टिकोण की भारी कमी रही। यदि समय रहते ड्रेस कोड की सटीक जानकारी दी जाती, तो वे तैयारी कर सकते थे। उन्होंने कहा कि यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि उनके भविष्य का सवाल है।
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अब आगे क्या? प्रशासन की भूमिका पर सवाल
इस विवाद ने व्यापम और प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि ड्रेस कोड को लेकर न स्पष्टता थी और न ही संवेदनशीलता। फिलहाल, प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार कर जांच और आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी लंबित है। वंचित छात्र परीक्षा के पुनर्निरीक्षण या दोबारा आयोजन की मांग पर अड़े हुए हैं।



