
Raipur. धान खरीदी (Paddy Procurement) से जुड़ी एक बड़ी और ज़रूरी खबर छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए सामने आई है। राज्य शासन ने किसानों की सहूलियत के लिए एग्रीस्टेक पोर्टल (AgriStack Portal) में एक अहम प्रावधान किया है। इसके तहत, जिन किसानों के एक से अधिक खसरों में से कुछ खसरे उनकी एग्रीस्टेक आईडी (AgriStack ID) में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं या लिंक होने से छूट गए हैं, उन्हें तुरंत अपडेट कराना होगा। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसे छूटे हुए खसरों की एक सूची तैयार कर समितियों के बाहर चस्पा की गई है।
किन खसरों को अपडेट कराना है ज़रूरी?
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। किसान को पोर्टल से प्राप्त फार्मर आईडी (Farmer ID) के साथ उसके सभी फॉर्म आईडी (खसरे) को लिंक करना आवश्यक है। कई किसानों के वे खसरे जो पहले यूनीफाइड फार्मर पोर्टल (Unified Farmer Portal) में पंजीकृत थे, वे कैरी फारवर्ड तो हो गए, लेकिन एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ पूरी तरह से लिंक नहीं हुए हैं। इन्हीं छूटे हुए खसरों को समिति स्तर पर खरीदी हेतु उपलब्ध कराने के लिए जोड़ा जाना है।
समितियों में जाकर तुरंत कराएं अपडेट
किसानों से आग्रह किया गया है कि वे अपनी संबंधित समितियों में जाकर चस्पा की गई सूची से अपने छूटे हुए खसरों का मिलान करें और उन्हें पोर्टल में लिंक कराएं। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसान सीधे समितियों के किसान सहायता केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए सहायता केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहेगा। यहाँ किसान ऑपरेटर या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) से मिलकर यह काम पूरा करवा सकते हैं।
कबीरधाम जिले में 34 हजार से अधिक खसरे बाकी
इस पूरे मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल कबीरधाम जिले में पंजीकृत किसानों के 34,566 खसरे ऐसे हैं जो किसानों की एग्रीस्टेक आईडी में लिंक होने से शेष रह गए हैं। खाद्य अधिकारी, कबीरधाम ने स्पष्ट किया है कि इन सभी छूटे हुए खसरों को जल्द से जल्द एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से जोड़ा जाना है। यह प्रक्रिया किसान स्वयं समिति में जाकर करवा सकते हैं।
खसरे लिंक कराने के लिए कोई समय सीमा नहीं
किसानों के लिए राहत की बात यह है कि छूटे हुए खसरों को एग्रीस्टेक आईडी से लिंक कराने के लिए फिलहाल कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हालांकि, अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि वे धान खरीदी शुरू होने से पहले ही इस अनिवार्य कार्य को पूरा करवा लें, ताकि उन्हें बाद में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और उनकी पूरी जमीन की उपज खरीदी के लिए उपलब्ध हो सके।



