
Marine Drive Project: रायगढ़ की मरीन ड्राइव परियोजना ने रविवार को शहर के जेलपारा और प्रगति नगर इलाके में गर्मी बढ़ा दी। नगर निगम की टीम जब अवैध निर्माण हटाने बुलडोजर लेकर वार्ड क्रमांक 29 पहुंची, तो वहां बवाल मच गया। कार्रवाई के दौरान भाजपा पार्षद जानकी भारद्वाज के बेटे रामजाने भारद्वाज ने न सिर्फ विरोध किया, बल्कि JCB मशीन पर चढ़कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात काबू से बाहर जाते देख पुलिस को बीच में आना पड़ा और रामजाने को घसीटकर गिरफ्तार कर लिया गया। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
JCB पर चढ़ा रामजाने, पुलिस ने जबरन उतारा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नगर निगम की टीम मरीन ड्राइव परियोजना के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में लगी थी। जब टीम वार्ड 29 में पहुंची, रामजाने भारद्वाज वहां आ धमका और सीधे पोकलेन मशीन पर चढ़ गया। अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने नीचे उतरने से इनकार कर दिया।
स्थिति बिगड़ती देख जुट मिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बलपूर्वक रामजाने को मशीन से उतारा और घसीटते हुए गिरफ्तार कर थाने ले गई। इस दौरान स्थानीय लोग भी भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके में तनाव और गहराता गया।
वीडियो वायरल, पार्षद और पार्टी चुप
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। लोग इसे प्रशासन बनाम जनता की लड़ाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा गरमा गया है।
घटना के बाद से भाजपा पार्षद जानकी भारद्वाज और पार्टी के अन्य नेता मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। अब तक किसी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, जिससे अटकलें और तेज हो गई हैं।
इलाके में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
विवाद और विरोध को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। किसी भी तरह की अफवाह या झड़प से बचने के लिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रायगढ़ का मरीन ड्राइव प्रोजेक्ट विकास की तरफ एक कदम है, लेकिन जब विकास की आड़ में लोगों के घर उजड़ते हैं, तो सवाल उठना लाज़मी है।
सरकार और प्रशासन को यह समझने की ज़रूरत है कि कानून का पालन ज़रूरी है, लेकिन जनता की भावनाओं की भी कद्र होनी चाहिए। और विरोध का तरीका भी संवैधानिक होना चाहिए—JCB पर चढ़ना शायद इसका हल नहीं है।
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