
Dhamtari Beef Case: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रतिबंधित मांस की तस्करी और बिक्री के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। सिटी कोतवाली पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि साल्हेवारपारा के गाड़ापारा इलाके में एक व्यक्ति गोवंश का वध कर उसके मांस को बेचने की तैयारी में जुटा है। इस सूचना की तस्दीक के लिए कोतवाली पुलिस की एक विशेष टीम ने फौरन बताए गए ठिकाने पर दबिश दी। पुलिस की गाड़ियों को आते देख संदेही आरोपी मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी शुरू की।

प्लास्टिक की बोरियों से मिला भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस
घटनास्थल की जांच करने पर पुलिस टीम को वहां प्लास्टिक की कई बड़ी बोरियां मिलीं। इन बोरियों को खोलने पर भारी मात्रा में विवादित मांस और गोवंश के अवशेष बरामद हुए। इसके साथ ही वहां मांस काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले धारदार लोहे के हथियार और लकड़ी के बड़े गुटके भी बिखरे पड़े थे। पुलिस ने जब सरकारी नियमों के मुताबिक मौके पर ही तौल करवाया, तो बोरियों से कुल 88.340 किलोग्राम गोमांस बरामद हुआ। पुलिस ने मांस सहित चार नग लोहे के धारदार सत्तू और त्रिपाल को अपने कब्जे में ले लिया।

फरार आरोपी संतराम बघेल को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
मांस की जब्ती के बाद पुलिस ने फरार आरोपी की तलाश के लिए मुखबिरों का जाल बिछाया। कड़े वैज्ञानिक और तकनीकी प्रयासों के बाद पुलिस ने आरोपी की पहचान संतराम बघेल (43 वर्ष) के रूप में की, जो साल्हेवारपारा धमतरी का ही रहने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाने लाकर की गई कड़ाई से पूछताछ और आरोपी के मेमोरेंडम बयान के आधार पर पुलिस ने मामले से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए। इसके अलावा पुलिस ने मांस बेचकर कमाए गए 300 रुपये भी आरोपी के पास से जब्त किए हैं।

नए बीएनएस कानून और पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज
आरोपी संतराम बघेल के खिलाफ धमतरी की सिटी कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 और 325 के तहत मुकदमा कायम किया गया है। इसके साथ ही राज्य के कड़े कानून छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 5 और 10 के प्रावधानों को भी मामले में जोड़ा गया है। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया। अदालत ने मामले की गंभीरता और साक्ष्यों को देखते हुए आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है।



