
Lady Don Muskan Ratre: छत्तीसगढ़ की राजधानी में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद सख्त कदम उठाया है. पुलिस ने शहर की कुख्यात महिला बदमाश मुस्कान रात्रे को जिला बदर कर दिया है. रायपुर कमिश्नरेट के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी महिला अपराधी के खिलाफ जिला बदर की इतनी बड़ी कार्रवाई की गई है. पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक अब इस महिला बदमाश को अगले तीन महीनों तक रायपुर समेत आसपास के छह प्रमुख जिलों की सीमाओं से पूरी तरह बाहर रहना होगा.
गंभीर अपराधों की लंबी सूची
यह पूरी कार्रवाई जिला पुलिस की तरफ से सौंपे गए विस्तृत प्रतिवेदन (रिपोर्ट) और पुख्ता सबूतों के आधार पर की गई है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुस्कान रात्रे लंबे समय से राजधानी और उसके आसपास के इलाकों में अवैध गतिविधियों का संचालन कर रही थी. उसके खिलाफ अवैध शराब और गांजे की तस्करी, लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और हत्या के प्रयास जैसे 20 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. शहर के विभिन्न थानों में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली हुई है और वह लगातार कानून व्यवस्था के लिए सिरदर्द बनी हुई थी.

पुलिस को सिलेंडर की धमकी
मुस्कान रात्रे के काम करने का तरीका बेहद शातिर और खतरनाक रहा है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जब भी थाने की टीम उसे किसी मामले में गिरफ्तार करने उसके ठिकाने पर दबिश देती थी, तो वह अजीबो-गरीब हथकंडे अपनाती थी. वह पुलिसकर्मियों पर अपने पालतू हिंसक कुत्ते छोड़ देती थी या फिर घर का रसोई गैस सिलेंडर चालू कर उसके ऊपर बैठ जाती थी और खुदकुशी करने की धमकी देने लगती थी. इस ड्रामे और हिंसक व्यवहार के कारण कई बार पुलिस टीम को सुरक्षा कारणों से पीछे हटना पड़ा और खाली हाथ लौटना पड़ा था.
व्यवहार में सुधार की कमी
स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इससे पहले भी मुस्कान के खिलाफ कई बार दंडात्मक और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत जेल भेजने की कार्रवाई की थी. हालांकि जमानत पर बाहर आते ही वह दोबारा अपनी पुरानी आपराधिक दुनिया में सक्रिय हो जाती थी. लगातार मिल रही जेल की सजाओं के बावजूद उसके सामाजिक आचरण में कोई भी सकारात्मक सुधार देखने को नहीं मिल रहा था. आखिरकार शहर के गवाहों के बयानों और रिकॉर्ड की जांच के बाद पुलिस ने उसे समाज के लिए खतरा मानते हुए जिला बदर करने की फाइल तैयार की.

छह जिलों से बाहर का रास्ता
पुलिस कमिश्नर द्वारा पारित विशेष आदेश के तहत मुस्कान रात्रे को छत्तीसगढ़ के छह महत्वपूर्ण जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर खदेड़ दिया गया है. जारी निर्देशों के मुताबिक वह अगले 3 महीने तक रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों की भौगोलिक सीमा के भीतर कदम भी नहीं रख पाएगी. इस अवधि के दौरान उसे इन जिलों से दूर किसी अन्य स्थान पर शरण लेनी होगी. अगर वह इस आदेश का उल्लंघन करती है तो उसे बिना वारंट दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा.
जनता को खौफ से राहत
इस जिला बदर की कार्रवाई के पीछे पुलिस प्रशासन का मुख्य उद्देश्य अपराधी के पूरे प्रभाव क्षेत्र और उसके नेटवर्क को पूरी तरह से ध्वस्त करना है. मुस्कान के खौफ की वजह से स्थानीय मोहल्लों के आम नागरिक, छोटे व्यापारी और मामलों के गवाह हमेशा डरे-सहमे रहते थे, जिससे अदालतों में उसके खिलाफ गवाही नहीं हो पाती थी. इस कड़े फैसले से जहां आम जनता के भीतर सुरक्षा की भावना वापस लौटेगी, वहीं सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में पुलिस को बड़ी सफलता मिलेगी.
नियम तोड़ने पर सीधे जेल
कोतवाली और मध्य जिला पुलिस ने साफ किया है कि जिला बदर की समयसीमा प्रभावी रहने के दौरान यदि संदेही महिला बिना किसी सक्षम शासकीय अधिकारी या अदालत की लिखित अनुमति के इन छह प्रतिबंधित जिलों में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत एक नया और गैर-जमानती मुकदमा दर्ज किया जाएगा. पुलिस की खुफिया टीमें और मुखबिर तंत्र इस आदेश के बाद से ही मुस्कान की गतिविधियों और उसके नए ठिकानों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं.



