
CG Health Minister Shyambihari Jaiswal: छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने मिडिया से बातचीत में विभाग की प्राथमिकताओं, उपलब्धियों और चुनौतियों पर खुलकर बात की। आयुष्मान भारत योजना के तहत निजी अस्पतालों द्वारा मरीजों से अलग से पैसे वसूलने और छल-प्रपंच करने की शिकायतों पर मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों की जानकारी सीधे उन तक पहुंचाई जाए। सरकार ने केवल अप्रैल महीने में ही नियमों का उल्लंघन करने वाले 26 निजी अस्पतालों का भुगतान रोक दिया है। इसके साथ ही 33 अस्पतालों का आयुष्मान पंजीकरण भी निलंबित किया जा चुका है।
प्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए वित्त विभाग से मिली मंजूरी
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और सुपर स्पेशलिस्टों की कमी के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए तेजी से कदम उठाए जा रहे हैं। इसी हफ्ते प्रदेश के विभिन्न चिकित्सालयों में 495 बांडेड डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके अलावा, राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों को जल्द ही 150 जूनियर और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर मिलने जा रहे हैं। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ संभागों के लिए वित्त विभाग ने 100 नए मेडिकल ऑफिसर और 100 विशेषज्ञ डॉक्टरों के पदों को अपनी प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।

मेडिकल कॉलेजों में पीजी सीटों की संख्या 200 से बढ़कर हुई 360
हायर मेडिकल एजुकेशन और सुपर स्पेशियलिटी विभागों जैसे न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी में डॉक्टरों की रुचि न होने पर मंत्री ने असल वजहों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्रदेश के भीतर पोस्ट ग्रेजुएशन (पीजी) की सीटें 200 से भी कम थीं, जिसे अब बढ़ाकर 360 के करीब कर दिया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से 260 अतिरिक्त नई सीटों की मांग की है। इन सीटों को मंजूरी मिलते ही प्रदेश में पीजी की कुल सीटें 600 हो जाएंगी। इसके अलावा राज्य में मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़कर 10 से 15 के बीच पहुंच चुकी है।
मरीजों की बढ़ती संख्या से सरकारी अस्पतालों के प्रति बढ़ा जनता का विश्वास
सरकारी अस्पतालों की मौजूदा स्थिति और बुनियादी ढांचे में सुधार के दावों पर मंत्री ने आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में सरकारी चिकित्सा तंत्र के प्रति आम जनता का भरोसा बढ़ा है। उदाहरण के तौर पर, रायपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा की ओपीडी जो पहले महज 1200 हुआ करती थी, वह अब बढ़कर रोजाना 3000 के पार पहुंच चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री का दावा है कि बुनियादी सुविधाओं, दवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर पर एक साथ काम चल रहा है, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।
बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित इलाकों तक पहुंची स्वास्थ्य सुविधाएं
कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बस्तर के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर पर केंद्र सरकार से पुरस्कार मिला है। कुख्यात नक्सली हिड़मा के गृह ग्राम पूवर्ती में भी नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोल दिया गया है। सुकमा जैसे संवेदनशील जिले से ‘अटल आरोग्य लैब’ की शुरुआत की गई है। वर्तमान में राज्य के सभी जिला अस्पतालों में डायलिसिस की सुविधा पहुंच चुकी है, जबकि 20 जिला अस्पतालों में बहुत जल्द सिटी स्कैन की सेवाएं भी नियमित रूप से शुरू होने जा रही हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की शत प्रतिशत तैनाती न हो पाना बड़ी विफलता
अपनी विफलताओं को ईमानदारी से स्वीकार करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि तमाम कोशिशों और विभागीय प्रयासों के बाद भी वे राज्य के शत प्रतिशत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं कर पाए हैं। पर्याप्त विशेषज्ञ न मिल पाना इस कार्यकाल की सबसे बड़ी विफलता है। हालांकि, शैक्षणिक विस्तार के मोर्चे पर इस सत्र से 5 नए मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई शुरू होने जा रही है। वहीं, राज्य में सरकारी नर्सिंग कॉलेजों की संख्या 8 से बढ़ाकर 22 की गई है और पहली बार शासकीय होम्योपैथी कॉलेज खोलने की तैयारी है।
ढाई एकड़ नहीं बल्कि 19 एकड़ जमीन, विधायक बनने से पहले खरीदी थी
सोशल मीडिया पर मंत्री रहते हुए ढाई एकड़ जमीन खरीदने के आरोपों पर श्यामबिहारी जायसवाल ने सीधा जवाब दिया। उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों के पास कोई रचनात्मक काम नहीं है, वे सिर्फ दूसरों की छवि बिगाड़ने का प्रयास करते हैं। वह जमीन ढाई एकड़ नहीं बल्कि पूरे 19 एकड़ है, जिसे उन्होंने पहली बार विधायक चुने जाने से बहुत पहले अपने निजी स्रोतों से खरीदा था। उन्होंने साफ किया कि वे सिर्फ अपनी विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेह हैं और सोशल मीडिया की प्रायोजित बयानबाजी से उन पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
एक साल के भीतर बदलेगी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल की सूरत
रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में मरीजों को होने वाली असुविधाओं और एक बेड पर दो मरीजों के सोने की मजबूरी पर मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने बताया कि मेकाहारा में नए 700 बिस्तरों वाले आधुनिक ब्लॉक के निर्माण का टेंडर जारी हो चुका है। अस्पताल के जीर्णोद्धार और आंतरिक इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक करने के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को 50 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। इंटीरियर का काम भी टेंडर प्रक्रिया में है। स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि अगले एक साल के भीतर इस बड़े अस्पताल की पूरी तस्वीर बदल जाएगी।



