Dhamtari Drug Smuggling: धमतरी में नशा तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार: जेल भेजने के बाद अब तस्करों की अवैध संपत्तियां होगी जब्त, आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी

Dhamtari Drug Smuggling: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में गांजा और हेरोइन की तस्करी करने वालों के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ा और कड़ा कदम उठाया है. नशे के काले कारोबार पर लगाम लगाने के लिए अब पुलिस अपराधियों को सिर्फ जेल भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी अवैध कमाई से बनाई गई संपत्तियों को भी निशाना बना रही है. जिले में पहली बार सफेमा एक्ट यानी स्मगलर्स एंड फॉरेन एक्सचेंज मैनिपुलेटर्स फॉरफेइचर ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की गई है. इसके तहत दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों की चल और अचल संपत्तियों को फ्रीज करने का शुरुआती आदेश जारी कर दिया गया है.

सफेमा एक्ट के तहत पहली बार हुई कार्रवाई

धमतरी पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक नशे के अवैध व्यापार से जुटाई गई काली कमाई का पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है. पुलिस ने इन मामलों की पूरी केस डायरी और संदिग्ध संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट आगे की पुष्टि और अंतिम कानूनी कार्रवाई के लिए मुंबई स्थित सफेमा के सक्षम प्राधिकारी के पास भेज दी है. वहां से हरी झंडी मिलने के बाद इन संपत्तियों को पूरी तरह से राजसात यानी सरकारी नियंत्रण में लेने की अंतिम सीलिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

चल और अचल संपत्ति की हो रही जांच

यह पूरी कार्रवाई धमतरी के कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज दो अलग-अलग आपराधिक मामलों के आधार पर की जा रही है. इस बड़ी आर्थिक कार्रवाई की जद में मुख्य रूप से ऊषा डोरी, करण डोरी, जायका डोरी और आरती रजक नाम के आरोपी आए हैं. पुलिस इन सभी की जमीनों, मकानों, बैंक खातों और वाहनों के रिकॉर्ड खंगाल रही है. शुरुआती जांच में इन आरोपियों के बैंक खातों में संदिग्ध वित्तीय लेनदेन और अवैध रूप से मोटी रकम जमा किए जाने के पुख्ता संकेत मिले हैं.

सिर्फ जेल भेजने से नहीं रुक रहा था धंधा

पुलिस के आला अधिकारियों का साफ कहना है कि सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज देने से नशे के इस बड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त नहीं किया जा सकता है. कई बार जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद ये अपराधी दोबारा उसी अवैध धंधे में सक्रिय हो जाते हैं. इसीलिए अब पुलिस ने इन तस्करों की आर्थिक रीढ़ पर प्रहार करने की रणनीति बनाई है. सफेमा कानून के तहत यदि यह साबित हो जाता है कि कोई भी संपत्ति नशे की कमाई से खरीदी गई है, तो सरकार उसे पूरी तरह से जब्त कर लेती है जिससे तस्करों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

धमतरी जिले में पहली बार उठाया गया ऐसा कदम, अवैध कारोबारियों के बीच मचा हड़कंप

धमतरी जिले के पुलिस इतिहास में इस तरह की यह पहली सबसे बड़ी और सख्त कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है. पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय नशा तस्करों और अवैध रूप से संपत्ति खड़ी करने वाले अपराधियों के बीच हड़कंप का माहौल है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नशा तस्करों की सूची तैयार की जा रही है जिन्होंने अवैध व्यापार से अकूत संपत्ति बनाई है. पुलिस का साफ संदेश है कि जिले में नशे का कारोबार करने वालों पर अब कानूनी के साथ-साथ आर्थिक शिकंजा भी पूरी तरह कसा जाएगा.

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Ravi Pratap Pandey

रवि पिछले 7 वर्षों से छत्तीसगढ़ में सक्रिय पत्रकार हैं। उन्होंने राज्य के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर गहराई से रिपोर्टिंग की है। जमीनी हकीकत को उजागर करने और आम जनता की आवाज़ को मंच देने के लिए वे लगातार लेखन और रिपोर्टिंग करते रहे हैं।

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